गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी में बाढ़ का खतरा और गहराने लगा है और इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए काशी के सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से टेलीफोन पर बातचीत कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
चेतावनी बिंदु के पार पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्थल से 3 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर 70.56 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से ऊपर है।
गंगा का जलस्तर फिलहाल करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 28 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। क्षेत्र में करीब 28.2 मिलीमीटर बारिश होने के बाद नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है।
हालांकि, गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान 71.262 मीटर और सर्वोच्च बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर से नीचे है। इसके बावजूद लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
PM मोदी ने DM से फोन पर ली विस्तृत जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर वार्ता कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने गंगा के बढ़ते जलस्तर, प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
प्रधानमंत्री ने यह भी जाना कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं किस तरह पहुंचाई जा रही हैं।
PM Modi ने दिए युद्धस्तर पर राहत कार्य के निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी रखा जाए। उन्होंने प्रभावित नागरिकों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री (PM Modi) ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी अतिरिक्त राहत सामग्री या अन्य संसाधनों की आवश्यकता हो, वहां तत्काल व्यवस्था की जाए और सहायता बिना देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाए।
24 घंटे निगरानी, तटीय इलाकों पर प्रशासन की नजर
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और राहत टीमें तटीय एवं प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों पर 24 घंटे सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
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प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव पर नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने समेत सभी जरूरी कदम तत्काल उठाए जाएं।

