BHU में पेड़ों की कटाई से जुड़े मामले को लेकर बुधवार को छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मामले में कार्रवाई नहीं करने और लगातार मांग किए जाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं करने का आरोप लगाया। इस दौरान कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। स्थिति बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को कार्यालय परिसर से बाहर कर चैनल गेट बंद कर दिया। इसके बाद छात्रों ने गेट के बाहर खड़े होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि BHU परिसर में पेड़ों की कटाई से जुड़े मामले को लेकर उन्होंने करीब एक महीने पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। छात्रों का आरोप है कि ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
कुलपति कार्यालय के बाहर डटे रहे छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्र कुलपति से सीधे मुलाकात कर अपनी मांग रखने पर अड़े रहे। छात्रों का कहना था कि वे लगातार विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मामले में हुई कार्रवाई और प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 12 दिनों से वे कुलपति कार्यालय और कुलसचिव कार्यालय की ओर से जवाब मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती गई और वे बुधवार को केंद्रीय कार्यालय पहुंच गए।
आवेदन कुलपति तक पहुंचने की बात कही
प्रदर्शनकारी छात्रों (BHU) के अनुसार, कार्यालय के कर्मचारियों ने यह स्वीकार किया कि छात्रों की ओर से दिया गया आवेदन कुलपति तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद छात्रों को यह जानकारी नहीं दी गई कि आवेदन पर कुलपति अथवा विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है।
2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने का मुद्दा भी उठाया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेड़ कटाई के मामले में 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने के विषय को भी प्रमुखता से उठाया। छात्रों का कहना था कि जब पेड़ों की कटाई से संबंधित मामला गंभीर है और इसमें इतनी बड़ी धनराशि के जुर्माने का विषय सामने आया है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करे।
BHU: सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्कामुक्की
कुलपति कार्यालय (BHU) के बाहर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को कार्यालय परिसर से बाहर कर दिया और बाद में चैनल गेट बंद कर दिया।
गेट बंद किए जाने के बाद छात्र बाहर ही खड़े होकर विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगने पहुंचे थे। उनका आरोप था कि उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें कार्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया।
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छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और मामले में कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

