Varanasi: दुर्गा पूजा नजदीक आते ही काशी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मूर्तिकार दिन-रात प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं। पूजा पंडालों में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आराधना की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार कई पंडालों में परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
मूर्तिकार अभिजीत विश्वास (Varanasi) ने बताया कि वह हर वर्ष अपनी प्रतिमाओं में कुछ नया करने का प्रयास करते हैं। इस बार भी कई ऐसी प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस बार करीब तीन से चार इलेक्ट्रॉनिक प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं में मां दुर्गा के हाथों और गर्दन की गतिविधियां दिखाई देंगी। प्रतिमा का सिर घूमेगा और उसके साथ चेहरे में भी बदलाव देखने को मिलेगा। इस तरह श्रद्धालुओं को मां दुर्गा का एक अलग और जीवंत स्वरूप देखने को मिलेगा।
Varanasi नारी सुरक्षा का संदेश देगी प्रतिमा
अभिजीत विश्वास ने बताया कि इस बार (Varanasi) एक विशेष प्रतिमा के माध्यम से नारी सुरक्षा और सम्मान का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें एक लड़की को एक युवक परेशान करता हुआ दिखाई देगा। इसी दौरान विद्यालय की शिक्षिका वहां पहुंचकर युवक को ऐसा करने से रोकती है। विरोध किए जाने पर युवक राक्षस का रूप धारण कर लेता है। इसके बाद शिक्षिका मां दुर्गा का स्वरूप धारण कर लेती हैं और उनके दस हाथ प्रकट होते हैं। मां दुर्गा के रूप में शिक्षिका राक्षस का वध करती हैं।
मूर्तिकार के अनुसार, इस प्रतिमा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज को मजबूती से खड़ा होना चाहिए। प्रतिमा में सामाजिक संदेश के साथ इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पूरा दृश्य प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।

रक्तबीज और मां काली का भी दिखेगा स्वरूप
अभिजीत विश्वास ने बताया कि दूसरी विशेष प्रतिमा में रक्तबीज वध का दृश्य तैयार किया जा रहा है। इसमें रक्तबीज के वध के बाद उसके रक्त की बूंदों से उसके कई रूप उत्पन्न होने की पौराणिक कथा को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद मां दुर्गा मां काली का रूप धारण कर रक्तबीज का वध करती हुई दिखाई देंगी।
वहीं तीसरी विशेष प्रतिमा (Varanasi) में मां दुर्गा को त्रिशूल के माध्यम से राक्षस का वध करते हुए दिखाया जाएगा। इसमें भी इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे प्रतिमा के विभिन्न अंगों में गतिविधि दिखाई देगी।वहीं तीसरी विशेष प्रतिमा में मां दुर्गा को त्रिशूल के माध्यम से राक्षस का वध करते हुए दिखाया जाएगा। इसमें भी इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे प्रतिमा के विभिन्न अंगों में गतिविधि दिखाई देगी।

कोलकाता की प्रसिद्ध एकचाला शैली में भी प्रतिमाएं
मूर्तिकार ने बताया कि उनके पिता भी काफी प्रसिद्ध मूर्तिकार थे। उनके पिता के साथ-साथ उनके कई शिष्य भी आज काशी (Varanasi) में दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। अभिजीत विश्वास ने बताया कि वह बनारस की कई प्रसिद्ध दुर्गा पूजा समितियों के लिए प्रतिमाएं तैयार करते हैं। इस बार एकचाला शैली की कई प्रतिमाएं भी बनाई जा रही हैं। यह शैली कोलकाता की दुर्गा पूजा में काफी प्रसिद्ध है, जिसमें मां दुर्गा के साथ पूरा परिवार एक ही संरचना में दिखाई देता है।
एलियन जैसे चेहरे वाली प्रतिमा बनेगी आकर्षण
इस बार एक प्रतिमा ब्रह्मांड की अवधारणा पर आधारित तैयार की जा रही है। इसमें मां दुर्गा के चेहरे को कुछ हद तक एलियन के स्वरूप से मिलता-जुलता बनाया गया है। मूर्तिकार के अनुसार, प्रतिमा में मनुष्य और एलियन के मिश्रित स्वरूप की कल्पना की गई है। यह प्रतिमा (Varanasi) श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए कौतूहल का विषय बनेगी।
ये भी पढ़े: 72 घंटे की बारिश से बढ़ी दुश्वारियां, कच्चे मकान और पेड़ गिरे,जनजीवन प्रभावित
दुर्गा पूजा के करीब आते ही मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में गतिविधियां बढ़ गई हैं। कहीं मिट्टी को आकार दिया जा रहा है तो कहीं रंग-रोगन और सजावट का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। काशी (Varanasi) में इस बार परंपरागत कला के साथ तकनीक, पौराणिक कथाओं और सामाजिक संदेशों को जोड़कर तैयार की जा रही प्रतिमाएं दुर्गा पूजा के आकर्षण को और बढ़ाने वाली हैं।
