Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड का रविवार को वाराणसी संसदीय कार्यालय में सामूहिक रूप से श्रवण किया गया। संसदीय कार्यालय प्रभारी शिव शरण पाठक के सानिध्य में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे कार्यक्रम को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्र सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी जैसे विभिन्न विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को रेखांकित किया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राष्ट्र की सुरक्षा में सशस्त्र बलों के योगदान और देशवासियों की एकजुटता को भी उन्होंने रेखांकित किया।
जनगणना में सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने जनगणना को देश के प्रत्येक नागरिक से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए इसमें सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से जनगणना के दौरान सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। संबोधन में बताया गया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है।
Varanasi: अशोक सिंघल के योगदान को किया याद
सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रसेवा के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अशोक सिंघल (Varanasi) की जन्मशती का स्मरण किया। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किए जा रहे जन्मशती कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के मोढेरा सूर्य ग्राम का उदाहरण देते हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयास ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे सकते हैं।
सुंदरबन की महिलाओं के प्रयासों की सराहना
‘मन की बात’ में पर्यावरण संरक्षण और (Varanasi) महिला सशक्तिकरण को जोड़ते हुए सुंदरबन क्षेत्र की महिलाओं द्वारा मैंग्रोव के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उनके लिए आजीविका के अवसर भी विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने इस तरह की स्थानीय पहलों को देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणादायक बताया और जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने का संदेश दिया।
राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम (Varanasi) के माध्यम से प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में आम नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। सुरक्षा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर स्थानीय स्तर पर हो रहे प्रयासों को सामने रखते हुए उन्होंने नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
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पानीकार्यक्रम (Varanasi) के सामूहिक श्रवण के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर शिव शरण पाठक, नागेश्वर, डॉ. नंदकिशोर पांडेय, रमाशंकर पटेल, शिवांगजी, अजय प्रताप सिंह, पवन शर्मा, रितिक मिश्रा, जयप्रकाश, गौरव पांडेय, सुनील श्रीवास्तव, जुगनू भारती, ललित सिंह, उमेश तिवारी, पवन सिंह, सौरभ पाठक, सुमित मिश्र, अरविंद चौधरी, लाल बाबू मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, बबीता चौरसिया, पूनम जायसवाल, सोनी शर्मा, सुवर्णा रेड्डी, राम बाबू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

