Varanasi: साहित्य और संस्कृति की नगरी काशी में बुधवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, सिगरा में पद्मश्री साहित्यकार मनु शर्मा की तीन पुनर्प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा सांगा’ और ‘के बोले माँ तुमि अबले’ का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने की।
हेमंत शर्मा ने मनु शर्मा फेलोशिप और लेखक की 99वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी भी साझा की। पुस्तकों के पुनर्प्रकाशन को मनु शर्मा की साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के रूप में देखा गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मनु शर्मा के चित्र के समक्ष दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद स्क्रीन पर उनके जीवन और साहित्यिक सफर पर आधारित करीब 18 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके माध्यम (Varanasi) से उपस्थित लोगों को लेखक के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान को जानने का अवसर मिला।

समारोह में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम (Varanasi) में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शहर के गणमान्य लोगों ने मनु शर्मा के साहित्यिक योगदान को याद किया।

Varanasi: दुर्लभ पुस्तकों के दोबारा प्रकाशन की कहानी
तीनों पुस्तकों का पुनर्प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है। समारोह में मनु शर्मा के पुत्र हेमंत शर्मा ने बताया कि इन दुर्लभ पुस्तकों को दोबारा पाठकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में उन्हें किन प्रयासों से गुजरना पड़ा। उन्होंने बताया कि इनमें से एक पुस्तक राजस्थान की एक लाइब्रेरी से प्राप्त हुई।

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पिता की पुस्तकों को दोबारा प्रकाशित कराने के हेमंत शर्मा के प्रयास की सराहना की। उन्होंने इसे प्रेरक पहल बताया, जो नई पीढ़ी को साहित्य और अपने सांस्कृतिक मूल्यों (Varanasi) से जोड़ने में मदद कर सकती है।

“डॉक्यूमेंट्री देखकर मेरा हृदय हुआ नम- डिप्टी सीएम
वहीं, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने युवाओं से पुस्तकें पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि पुस्तकों से मिलने वाला ज्ञान जीवनभर साथ रहता है।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने ‘भारत माता की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से सभागार (Varanasi) में उत्साह का माहौल बनाया।

बच्चों को छात्रवृत्ति, सोमा घोष की प्रस्तुति से समापन
समारोह के अंत में मनु शर्मा परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य पार्थ शर्मा ने तीन बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस पहल के जरिए शिक्षा को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
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कार्यक्रम का समापन पद्मश्री सोमा घोष की गायन प्रस्तुति के साथ हुआ। आयोजन (Varanasi) में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, अशोक तिवारी सहित शहर के साहित्यकार, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने मनु शर्मा की साहित्यिक विरासत को याद करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान किया।
