CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम वोट चोरी के खिलाफ वाराणसी के कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर शनिवार को आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी दिल्ली सहित देशभर में विपक्षी दलों के नेता, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर CEC के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण
आप का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर पात्र मतदाराों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं और इस प्रक्रिया से चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हुई है।हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और फॉर्म-6 में बदलावों को लेकर 10 महीनों में कई बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने CEC पर एकतरफा फैसले लेने और आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है।

आंकड़ों में अंतर
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश मे 16.18 लाख आवेदन की पूरी जानकारी नहीं मिली सीईओ की वेबसाइट पर फॉर्म सिक्स में आवेदकों की संख्या 71.38 लाख और अंतिम मतदाता सूची में जोड़े गए नाम 84.30 लाख है दोनों आंकड़ों में अंतर 12.92 लाख है।एक रिपोर्ट के अनुसार तरबगंज और पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में नाम हटाने के लगभग 90% आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ थे तरबगंज से रेशमा के नाम से 188 आपत्तियां दर्ज मिली है चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आपत्ति दर्ज करने वालों की पहचान से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आंदोलन रहेगा जारी
आप ने साफ किया है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता और वोटर लिस्ट की प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन संसद से लेकर सड़कों और अदालत तक जारी रहेगा।
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प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल, जिला महासचिव घनश्याम पांडे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, मनीष कुमार गुप्ता, अल्पसंख्यक पोस्ट के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला खान जी, अभिषेक सिंह गुलाब सिंह राठौड़, सरोज शर्मा, अमर सिंह पटेल, शारदा टंडन, मोहिनी महेद्रु,प्रिया पटेल,अभिषेक सिंह, सहनवाज खान, मोहम्मद कुड्डूस, कांता प्रसाद गिहार, वाहिद खान, छेदी लाल श्रीवास्तव, सहेत तमाम मुख्या रूप से शामिल रहे।
