350 मजदूर और कारीगर दिन-रात मंदिर निर्माण के काम में जुटे
जनवरी 2024 में रामलला की होगी प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या। इस समय रामलला के शहर अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। रविवार को 150 साधु-संत रामजन्म भूमि परिसर पहुंचे। यहां श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने संतों को राम मंदिर निर्माण को दिखाया। इस दौरान महंत दिनेन्द्र दास ने कहा मंदिर निर्माण का काम करीब 75 प्रतिशत के पूरा हो गया है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री और हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत गौरी शंकर दास ने बताया राम मंदिर निर्माण में पिलर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण में बीम और छत का काम होना बाकी है। माना जा रहा है कि इसी साल अगस्त-सितंबर में राम मंदिर निर्माण के ग्राउंड फ्लोर का निर्माण पूरा हो जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए 350 मजदूर और कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके साथ ही करीब एक हजार मजदूर और कारीगर राजस्थान में भरतपुर जिले के वंशी पहाड़पुर में काम कर रहे हैं। यहां वो मंदिर में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों को तराशने का काम कर रहे हैं। यहीं से पिंक स्टोन मंदिर के लिए लाए जा रहे हैं। उस समय मुलायम सिंह यादव की सरकार थी।

उन्होंने अयोध्या में कार सेवकों पर लाठी और गोली चलावाया। इसमें बहुत से कार सेवक घायल हुए। इसके बाद भी कार सेवक रुके नहीं। इसका परिणाम हुआ कि अटल बिहारी वाजपेई पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने। दूसरी बार प्रधानमंत्री बने और 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। लोगों को पता चल गया था कि अयोध्या में भगवान राम मंदिर का निर्माण होने वाला है। नवंबर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया, तो उसमें हजारों संत शामिल हुए। इस समारोह में आरआरएस प्रमुख मोहन, भागवत यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस जगह का भूमि पूजन किया वह आज भव्यता का रूप ले रहा है। आने वाले दिनों में सबसे बड़ा सर्वश्रेष्ठ सबसे दिव्य और सबसे भव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि मैं तब आया था जब योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर की पहली शिला रखी थी और उसके बाद मैं आज संतो के साथ यहां आया हूं। हम सब लोगों का सौभाग्य है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने हम सब लोगों को यहां बुलाकर राम लला की जन्मभूमि का दर्शन कराया। आगे आने वाले दिनों में 2023 के दिसंबर तक इसकी भव्यता अपने रूप में तैयार हो जाएगी और 2024 की जनवरी में मकर संक्रांति के बाद शुभ मुहूर्त में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
sudha jaiswal