आगरा। आगरा से कैला देवी के लिए निकलने वाले भक्तों की पदयात्रा गुरुवार को शुरू हो गई। बता दें कि चैत्र नवरात्रों की शुरूआत 21 मार्च से हो रही है। परम्परा के अनुसार आगरा से हर साल की भांति इस बार भी हजारों लोग राजस्थान के कैला देवी मंदिर पर जाने के लिए निकल पड़े हैं। सजी-धजी गाड़ियों और डीजे की धुन के साथ लोग ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है के गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जिसमें बड़े, बूढ़े, बच्चे, महिलाएं और युवतियां भी शामिल हैंं। जानकरी के हिसाब से आगरा से कैला देवी के लिए पदयात्रा की शुरूआत होली के बाद बसौड़ा पूजन से होती है। आस्था की डगर पर बढ़ रहे कदमों से राह भी देवी के जयकारों से गूंज रही है। आगरा के कई भक्त ऐसे भी हैं, जो सालों से पदयात्रा कर माता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।

यह लोग नवरात्रि शुरू होने से करीब 4 से 5 दिन पहले यात्रा शुरू करते हैं। नवरात्रि शुरू होने के पहले कैला देवी मंदिर पहुंच जाते हैं। झंडों से सजे वाहन पर लाउडस्पीकर लगे थे, जिस पर माता के भजन और लांगुरिया बज रहे थे। पैदल जाने वाले लोग अपने साथ पीठ पर थैला और उस पर लाल झंडा लगाए थे। वहीं रिक्शा लेकर जाने वाली टोलियां माता के दरबार में पहुंचने के लिए संगीत का पूरा साजो सामान लेकर चल रही थीं। सब से मजे दार बात यह है कि आगरा से करौली तक पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए समाजसेवियों ने खास इंतजाम कर रखे हैं। आगरा में कई जगह पर पैदल यात्रियों के लिए जलपान और खानपान के साथ आराम की व्यवस्था की गई है। बता दें कैला देवी मंदिर राजस्थान के करौली जिले के कैला गांव में त्रिकूट पर्वत की गोद में बसा है। आगरा से इसकी दूरी करीब 185 किलोमीटर है। लाल भवन और बीच में बने सफेद संगमरमर के भवन में मां कैला देवी का मंदिर हैं।
sudha jaiswal

