लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील अधिकारियों की लापरवाही के चलते तहसील क्षेत्र के करीब 10 हजार से अधिक किसान केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित होते दिखाई दे रहे हैं। इसका कारण यह है कि सरोजनीनगर क्षेत्र के सभी किसानों का भूलेख अंकन कार्य कृषि विभाग के राजकीय कृषि बीज भंडार पर डाटा फीड कर तहसील तो भेज दिया गया, लेकिन तहसील अधिकारी उसकी एक्सएमएल फाइल बनाकर तहसीलदार लॉगिन से पीएम किसान पोर्टल पर अभी तक अपलोड नहीं किए हैं। बताते चलें कि किसानों के सम्मान और उनकी आमदनी को दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि जैसी महत्वकांक्षी योजना चलाई जा रही है। जिसके लिए भूलेख अंकन करने के साथ ही नए किसानों का ओपन सोर्स पंजीकरण होना जरूरी है।

साथ ही तहसील स्तर पर उसकी एक्सएमएल फाइल बनाकर पूरा डाटा तहसीलदार लॉगइन से पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड होना है। लेकिन सराय सहजादी के किसान कमलेश, हरिनाम, अमावा के चंद्रकांत, परवर पश्चिम के कन्हैया लाल, मवई पड़ियाना के श्याम सिंह यादव, बेंती के प्रेमचंद, सहिजनपुर के जयकरन, गोंदौली के गुरशरन और सुंदरलाल, अमावा के हरिश्चंद्र सहित करीब 7000 किसानों को अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस योजना की कई किश्तों का लाभ नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं बताते हैं कि करीब 3400 अन्य किसानों ने ओपन सोर्स (जन सेवा केंद्र आदि) से अपने-अपने रजिस्ट्रेशन कराकर सरोजनीनगर तहसील में पूरा डाटा भेज दिया। लेकिन इन किसानों का भी डाटा अभी तक पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया।

हालाकि इस बारे में सरोजनीनगर ब्लॉक के एडीओ (कृषि) त्रिभुवन राय का कहना है कि उनके यहाँ से किसानों का डाटा फीड कर सभी दस्तावेज और डाटा तहसील को भेजने के बाद इसके बारे में सरोजनीनगर एसडीएम और तहसीलदार को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। उनका कहना है कि किसान सम्मान निधि की 14 वीं किस्त इसी माह जून में आने वाली है। अगर तहसीलदार लॉगइन से पीएम किसान पोर्टल पर डाटा अपलोड ना हुआ तो अगली किस्त से किसान वंचित रह सकते हैं। उधर इस मामले को लेकर किसान आए दिन राजकीय कृषि बीज भंडार और सरोजनीनगर तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। इसको लेकर किसानों में काफी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अगर 3 दिनों के भीतर समस्या का निस्तारण न किया गया तो वह जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत करेंगे। वहीं इस मामले में सरोजनीनगर एसडीएम से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नहीं रिसीव हुआ।
sudha jaiswal

