लखनऊ। सरोजनीनगर में अमौसी रोड स्थित न्यू पब्लिक स्कूल के पीछे पार्क में नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। बीती 8 अप्रैल से शुरू हुई इस दिव्य श्रीराम कथा के सातवें दिन गुरुवार देर शाम शुरू हुई इस कथा में संत प्रमोद दास महाराज ने बताया कि भगवान श्री राम के चारों भाइयों का नामकरण गुरु वशिष्ट ने इस प्रकार से किया। जैसे – भरत को सुषुप्ति अवस्था को बताया, शत्रुघ्न को बताया कि जाके सुमिरन हे री रिपु नासा, नाम शत्रुघ्न है वेद प्रकाश तथा लक्ष्मण जी को जागृति अवस्था में बताया और भगवान राम को बताया कि जो तीनों से परे हो वह भगवान राम हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से चारों भाइयों का नामकरण गुरु वशिष्ट द्वारा किया गया। संत प्रमोद दास ने इस दौरान अपने भक्तों को नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का, सदा ना रहा है सदा ना रहेगा जमाना किसी का, गीत के माध्यम से भक्ति में लीन कर दिया। उन्होंने सभी भक्तों को आपस में प्रेम भाव से रहने की बात कही और बताया कि पूरा शरीर नश्वर है। यहां पर ना तो किसी का कुछ अपना है और ना ही वह कुछ लेकर आया था। इसलिए किसी से भी बैर भाव नहीं रखना चाहिए। सभी लोग आपस में मिलजुल कर समाज में रहें और एक दूसरे का उचित मान-सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो जीवन में धर्म के रास्ते पर चलता है, वही आगे बढ़ता है। इसलिए सभी को अपने धर्म अनुसार ही काम करना चाहिए। देर रात तक चली इस कथा अवसर पर राजेंद्र मिश्रा, अवधेश दीक्षित, ज्ञान चंद दुबे, कप्तान सिंह, विनय शुक्ला, शिव प्रताप सिंह उर्फ भोले सिंह और सुरेंद्र यादव के साथ ही मुमुक्षु सेवा मिशन ट्रस्ट के तमाम अन्य लोग व आसपास के निवासी मौजूद रहे।
sudha jaiswal