प्रदेश में गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 11 जुलाई से 25 अगस्त तक 45 दिन का विशेष अभियान प्रारम्भ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को योजना भवन में विभागीय उपलब्धियों के संबंध में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आगामी 5 वर्षाे में ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाये जाने हेतु प्रदेश सरकार संकल्पित है। किसानोन्मुख योजनाओं से न सिर्फ पशुओं के संरक्षण एवं सम्वर्धन में आशातीत वृद्धि हुई है अपितु पशुपालकों की आय दोगुनी करने के संकल्प को गति मिली है। पशुधन मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में लघु पशु योजनान्तर्गत 5 नवीन योजनाओं का प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत उत्तराखण्ड से उन्नत किस्म के मेढ़े खरीद के भेड़ पालकों को नि:शुल्क उपलब्ध कराये जायेगे।
भेड़ पालन को बढ़ावा दिये जाने हेतु भेड़ बहुल क्षेत्रों में 20 भेड़ों एवं 1 मेढ़े की रू0 1.70 लाख की योजना संचालित की जा रही है, जिसमें लाभार्थी का अंश मात्र 10 प्रतिशत है। बकरियों में कृत्रिम गभार्धान के माध्यम से नस्ल सुधार की योजना है। उक्त के अतिरिक्त इटावा में स्थापित भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र को संचालित करते हुए भेड़ बकरी पालन हेतु प्रशिक्षण प्रदान किये जाने की योजना है।

पशुधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिये गये हैं कि चारागाह की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुए चारागाह की भूमि पर मनरेगा एवं अन्य सीएसआर मद का उपयोग करते हुए बहुवर्षीय हरा चारा (नैपियर घास आदि) का उत्पादन किया जाय। इस हेतु 11 जुलाई से 25 अगस्त तक 45 दिन का विशेष अभियान प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने सभी गोशालाओं में वृक्षारोपण करने की अपील भी की।

धर्मपाल ने बताया कि प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में विभाग द्वारा 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट का संचालन किया जा रहा है।
धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश को नन्द बाबा दुग्ध मिशन के द्वारा दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाये रखने के लिए गॉवों में दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा दुग्ध उत्पादकों को उनके गॉवों में ही दूध के उचित मूल्य पर बिक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए 220 दुग्ध समितियों के गठन एवं 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन के लक्ष्य के सापेक्ष 220 समितियों का गठन एवं 100 समितियों का पुनर्गठन किया जा चुका है।
ई-कामर्स पोर्टल के तहत विपणन कार्यों को सुदृढ़ता प्रदान करने हेतु पीसीडीएफ द्वारा ई-कामर्स पोर्टल को प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं के आनलाईन आर्डर पर पराग दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ को उनके घर पर ही आपूर्ति की जा रही है। पोर्टल के माध्यम से एक वर्ष में लगभग 76634 उपभोक्ता, 193 महिला स्वयं सहायता समूह तथा 220 पराग मित्रों को जोड़ा जा चुका है। ई-कामर्स पोर्टल के माध्यम से लगभग रू0 800 लाख का व्यवसाय किया जा चुका है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास डा0 रजनीश दुबे, दुग्ध आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक निदेशक डा इन्द्रमणि तथा नीलम बाला उपस्थि
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