लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को 25 साल पूरे कर मनाया सिल्वर जुबली । आप कोे बता दें कि आज ही के दिन 4 मई, 1998 को लखनऊ में तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह के आदेश पर एसटीएफ बनाई गई थी। दरअसल, गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला ने सीएम कल्याण सिंह की हत्या के लिए 5 करोड़ रुपए में सुपारी ली थी। इसी अपराधी को पकड़ने के लिए एसटीएफ बनाई गई।
गुरुवार को इसी एसटीएफ ने 25 साल पूरा कर सिल्वर जुबली मना रही है, उसी दिन उसके जवानों ने मेरठ में गैंगस्टर अनिल दुजाना को ढेर कर दिया। एसटीएफ पिछले 6 साल में 184 एनकाउंटर कर चुकी है। यूपी में एसटीएफ से माफिया थरथर कापती है इस लिए आज अपराधी माफिया जेल से बाहर निकलने से मना कर रहे है वे कहते है कि हम जेल में ही रह लेंगे हमें बाहर मत निकालो।
आप को बता दें कि अभी एसटीएफ की प्रदेश में 8 यूनिट काम कर रही हैं। जिसमें तेज-तर्रार और सर्विलांस के एक्सपर्ट समेत 550 अधिकारी और हैं। एसटीएफ के गठन के वक्त इसकी पहली टीम में 3 अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इन अधिकारियों में तत्कालीन एसपी हजरतगंज राजेश पांडेय, एसपी सिटी लखनऊ सत्येंद्रवीर सिंह और एसएसपी लखनऊ अरुण कुमार को एसटीएफ यूनिट में पोस्ट किया गया था। साथ ही एसटीएफ के सुपरविजन का जिम्मा तत्कालीन एडीजी लॉ एंड आर्डर अजय राज शर्मा को दिया गया था।
आप को बता दें कि लखनऊ में हजरतगंज के पास मोबाइल कंपनी का पहला टॉवर लगा था। राजेश पांडेय बताते हैं कि 25 साल पहले एसटीएफ का जो पौधा रोपा गया था, आज वह वट वृक्ष का रूप ले चुका है। मुझे गर्व है कि मैं सबसे पहले सर्विलांस पर काम शुरू करने के साथ यूपी एसटीएफ और एटीएस का संस्थापक सदस्य रहा हूं।
sudha jaiswal

