लखनऊ। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, ओले और बिजली गिर सकती है। इसकी वजह से फसलों को काफी नुकसान हो सकता है। 13 से 18 मार्च तक प्रदेशभर में मौसम खराब होने के आसार हैं। आप को बता दें कि यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है। मार्च में ही मई-जून जैसी गर्मी सताने लगी है। महीने के आखिरी तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी।

मौसम विभाग ने मार्च में पूरे यूपी में बारिश को लेकर दूसरी बार अलर्ट जारी किया है। सोमवार 13 मार्च से 20 मार्च तक ओला गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वढ ही नहीं देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को प्रदेश में गर्मी का तापमान काफी चढ़ा रहा। मथुरा-वृंदावन सबसे गर्म शहर रहा। यहां का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ और मेरठ सबसे गर्म रहे। पारा अब 35 डिग्री तक पहुंचने लगा है, लेकिन 20 मार्च तक मौसम बारिश और बादल-हवाओं वाला होने से गर्मी में नरमी आएगी। वहीं मौसम विभाग ने बताया है कि17, 18 और 19 मार्च को कानपुर मंडल में बारिश के ज्यादा आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के चलते ही नहीं उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, लेह लद्दाख, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ भी 13 से 20 मार्च तक बारिश होगी। मार्च महीने में गर्मी को लेकर संभावनाएं जाहिर की गई थीं।
लेकिन, मौसम के बदलते मिजाज ने रुख बदल दिया है। नौ मार्च को लखनऊ, आगरा, वाराणसी में भी बारिश हुई थी। इससे लोगों को गर्मी से भी राहत मिली थी। लेकिन, बारिश के साथ ओलावृष्टि की इन नई संभावनाओं से किसानों का नुकसान हो सकता है। सीएसए यूनिवर्सिटी के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आमतौर पर प्री-मानसून सीजन की गतिविधियां मार्च मध्य के बाद शुरू होती हैं। जो भी बारिश मानसून के पहले की होती है, प्री मानसून कहलाती है।
sudha jaiswal

