काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) का 105वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को स्वतन्त्रता भवन परिसर में परंपरा, गौरव और आधुनिकता के संगम के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. वी.के. सारस्वत, कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी, रेक्टर और कुलसचिव द्वारा महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इसके बाद मंगलाचरण और औपचारिक उद्घाटन के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को सत्य, सेवा, नैतिकता और राष्ट्रहित को जीवन का आधार बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि बीएचयू (BHU) की पहचान सिर्फ शिक्षण संस्था के रूप में नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण के केंद्र के रूप में है, और छात्र अपने ज्ञान, आचरण व मूल्यों से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करें।
13,650 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने कुल 13,650 उपाधियाँ प्रदान कीं है जिनमें:-
- 7449 स्नातक
- 5889 स्नातकोत्तर
- 4 एमफिल
- 712 पीएचडी
- 1 डीएससी
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों और अभिभावकों के चेहरों पर उपलब्धि और गर्व की चमक साफ झलक रही थी।
BHU: मेधावियों को मिले 33 स्वर्ण पदक
समारोह का मुख्य आकर्षण रहा मेधावियों का सम्मान। इस मेधावियों में:-
- 29 मेधावियों को कुल 33 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
- इस बार भी छात्राओं का दबदबा रहा—20 छात्राओं और 9 छात्रों को मेडल मिले।
- 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को प्रदान किए गए।
- एक मेधावी अनुपस्थित रहा।
सबसे प्रतिष्ठित चांसलर मेडल इस वर्ष दो मेधावियों को मिला:
- तुहिन (बीपीए, इंस्ट्रूमेंटल–बांसुरी)
- अनुराधा द्विवेदी (एमए संस्कृत) — सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित
कुलपति ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को समारोह से जोड़ने के लिए इसे विश्वविद्यालय (BHU) के यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लाइव प्रसारित किया गया। देश-विदेश में मौजूद पूर्व छात्र, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में इससे जुड़े रहे।

