Varanasi: साइबर अपराधियों द्वारा क्रिप्टो करेंसी (BSG COIN) के निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गैंग के एक सक्रिय सदस्य को वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और नकदी भी बरामद किया है।
इस मामले में 14 मई 2024 को रामनगर के रहने वाले राजू कुमार ने वाराणसी के साइबर क्राइम थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके और उनके साथियों के साथ BUSD GLOBAL कंपनी के माध्यम से BSG क्रिप्टो करेंसी के निवेश के नाम पर लगभग 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में थाना साइबर क्राइम वाराणसी पर मुकदमा दर्ज किया गया था और इसकी जांच प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्रा द्वारा की जा रही थी। पुलिस की जांच के दौरान, गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिम कार्ड और नकद राशि बरामद की गई।
Varanasi: मोटा रिटर्न देने के नाम पर लगाया चूना
साइबर अपराधियों ने एक फर्जी वेबसाइट “www.busdglobal.com” बनाई थी, जिस पर BSG क्रिप्टो करेंसी को Vindax क्रिप्टो एक्सचेंज पर लिस्ट कर दिया गया था। इसके बाद, अपराधियों ने बिहार, झारखंड, उत्तराखंड जैसे राज्यों में कैम्प लगाकर लोगों को झांसा दिया और उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआती समय में उच्च रिटर्न की पेशकश कर लोगों को आकर्षित किया गया, जिससे वे पूरी तरह से इन अपराधियों के झांसे में आ गए। इसके बाद, इन निवेशकों से टीम बनवाकर और अधिक निवेश कराने का दबाव डाला गया। जब कंपनी में करोड़ों रुपये जमा हो गए, तो अपराधियों ने कंपनी बंद कर दी और भाग गए।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम शुभम उर्फ विशाल मौर्या है, जो वाराणसी के रामनगर क्षेत्र का निवासी है। साइबर अपराधियों की पहचान में पुलिस ने कुछ और वांछित अभियुक्तों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनमें अर्जुन कुमार शर्मा, राजकुमार मौर्या, मो0 दानिश खान, नवनीत सिंह, विकास नन्दा, सत्यम पाण्डेय और प्रकाश जोशी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रायड मोबाइल, दो सिम कार्ड, एक यमाहा बाइक और नकद 1050 रुपये बरामद किए हैं।