वाराणसी। एसीजेएम / सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने आकांक्षा दूबे मौत प्रकरण में उसकी मां मधु दूबे की तरफ से कलम बंद बयान करने के गुहार लगाई है। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र अनुक्रम में सबंधित विवेचक नियमानुसार कारवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मधु दूबे के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा की। प्रार्थिनी का बयान सही तरीके से नहीं दर्ज किया गया है, और उसे पुलिस पर भरोसा नहीं है। इसीलिए उसकी और उसके गवाही की सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए विवेचक को निर्देश देने की गुहार लगाई है। मां का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या को आत्महत्या बताया जा रहा है। इसी को लेकर अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी डाली थी जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मां मधु दुबे के बयान को दर्ज कराने का निर्देश दे दिया है।
गौरतलब है कि 26 मार्च को सारनाथ के होटल में आकांक्षा का शव कमरे में मिला था। जिसको पुलिस और पोस्मार्टम रिपोर्ट में सुसाइड बताया गया था। लेकिन प्रथ्रिनी संतुष्ट नहीं है।