वाराणसी। आदिपुरुष (Aadipurush) फिल्म को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म में बोले जा रहे डायलॉग को लेकर हिन्दू समाज आक्रोशित है। एक और जहां सोशल मीडिया पर फिल्म से नाराज लोगों ने बायकाट का नारा लगाना शुरू कर दिया है, वहीं काशी के संत समाज ने भी फिल्म का विरोध शुरू कर दिया है।
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आदिपुरुष (Aadipurush) फिल्म के डायलॉग लेखन जिस तरह से हुए, वह संतों को पच नहीं रहा है। उन्होंने इसके डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनोज वास्तव में मुन्तशिर ही था, जिसने शुक्ला बनने का प्रयास किया। सनातन धर्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़, महापुरुषों व परमात्मा का सरलीकरण करना अक्षम्य अपराध है।
Aadipurush: शब्दों का चयन शत्रुओं के लिए भी मर्यादित ही होता है
डायलॉग (Aadipurush) भारत में फिल्म इंडस्ट्री इतिहास को देखा जाय, तो यह मोहल्ले के टपोरी टाइप, या फिर लफंगा जैसा लेखक ऐसे संवाद का प्रयोग करता हो, हमें यह स्वीकार नहीं है। धर्म की क्षेत्र मर्यादा चाहती है, शब्दों का चयन शत्रुओं के लिए भी मर्यादित ही होता है। मर्यादा विहीन पटकथा लेखक और निर्देशक ऐसे कभी स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।

बता दें कि आदिपुरुष फिल्म के टीज़र लांच से ही फिल्म विवादों में घिरी हुई है। फिल्म के ट्रेलर और इसके गानों ने थोड़ा बहुत इम्प्रेस किया, लेकिन वो कहते हैं न कि गेंहूं के साथ घुन भी पीसता है। वही हाल इस फिल्म और इसके गाने का भी हुआ। फिल्म रिलीज़ के पहले दिन से ही इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म के डायलॉग से लेकर इसके किरदारों के कॉस्ट्यूम तक विवादों में घिरे हुए हैं।