- काशी विश्वनाथ कारिडोर (Shri Kashi Vishwanath Dham) में पहली बार होगा आयोजन
राधेश्याम कमल
Shri Kashi Vishwanath Dham: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की ओर से इस बार मंदिर चौक में शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। इसका आरंभ सावन मास के पहले दिन चार जुलाई को और समापन श्रावण पूर्णिमा पर 31 अगस्त को होगा। काशी के कथा व्यास ब्रजवल्लभ शास्त्री पूरे 59 दिन शाम चार से छह बजे तक देशभर से आए श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण का श्रवण कराएंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की ओर से पहली बार मंदिर परिसर में शिवमहापुराण का आयोजन किया जा रहा है।
कारण यह कि पहले पूरा परिसर भवनों और संकरी गलियों के संजाल में फंसा सिर्फ लगभग 15 हजार वर्गफीट में था। बाबा तक भक्तों की राह सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मंदिर परिसर को 50 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल में विस्तार देते हुए दो साल पहले इसे नव्य-भव्य स्वरूप दिया।
धाम (Shri Kashi Vishwanath Dham) का विस्तार व सुंदरीकरण होने के बाद पिछले साल पड़े पहले सावन में लगभग एक करोड़ श्रद्धालु देशभर से बाबा के दर्शन-पूजन के लिए आए थे। पहली बार शिव धाम में भक्तों को गंगा द्वार से प्रवेश मिला था। इस बार अधिमास के कारण सावन में मास वृद्धि है। इससे सावन 59 दिन का होगा तो आठ सोमवार पड़ रहे हैं। इस मौके पर शिव महापुराण के श्रवण में अलग ही अहसास होगा।

Shri Kashi Vishwanath Dham: शिव महापुराण भगवान शिव का साक्षात् स्वरुप
शिवमहापुराण भगवान शिव का साक्षात स्वरूप न्यास अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार सावन भगवान को प्रिय है। संयोग से इस बार अधिमास यानी पुरुषोत्तम मास लग रहा है, जो धार्मिक कार्य के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि, शिवमहापुराण भगवान शिव का साक्षात स्वरूप माना जाता है। इसमें देवाधिदेव महादेव के विविध स्वरूपों व ज्योतिलिंर्गों के साथ ही भक्तों और भक्ति का विस्तार से वर्णन किया गया है। उनके कल्याणकारी स्वरूप के तात्विक विवेचन, रहस्य, महिमा व उपासना के बारे में भी उल्लेख है। धाम में इस तरह का आयोजन पहली बार कराया जा रहा है।

