वाराणसी। महामना की बगिया बीएचयू (BHU) के नाम कई उपलब्धियां और सम्मान हैं। इसी बीच BHU के नाम एक और सम्मान हो गया है। IIT-BHU ओ पहली बार शिक्षकों के गुणवत्ता परक शोध पत्र पर पहली बार क्वाक्वेरेली साइमंडस (क्यूएस) वर्ल्ड रैंकिंग में 78वां स्थान मिला है। इसे साइटेशन पर फैकल्टी (सीपीएफ) नाम दिया गया है। जिसके बाद अब दुनिया में बीएचयू की व्यक्तिगत रैंकिंग 571 हो गई है। व्यक्तिगत रैंकिंग भी पहली बार मिली है।
दरअसल, रैंकिंग का मूल्यांकन नौ अलग-अलग स्तरों पर होता है। इसमें शैक्षणिक नियोक्ता प्रतिष्ठा, प्रति संकाय साइटेशन, संकाय और छात्र अनुपात, अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्य से संबंधित मामले शामिल रहते हैं। संस्थान के अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो। विकास कुमार दुबे ने बताया कि पिछले वर्ष आईआईटी बीएचयू को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में सूचीबद्ध कर 651-700 के बैंड में रखा गया था। जिस संस्थान की रैंकिंग 600 से अधिक होती है, उनकी व्यक्तिगत रैंकिंग नहीं जारी की जाती है। पहली बार संस्थान की व्यक्तिगत रैंकिंग 571 हुई है।

क्यूएस के प्रमुख रैंकिंग मूल्यांकन मापदंडों में से एक सीपीएफ संस्थान का सबसे मजबूत रैंकिंग पैरामीटर है। प्रो। विकास ने बताया कि पिछले वर्ष 115वीं रैंक मिली थी। इस बार 37 रैंक का सुधार हुआ है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों 78वीं रैंक मिली है। भारतीय संस्थानों में यह रैंकिंग 7वीं है, जो कि अब तक की श्रेष्ठ है।
BHU के वैश्विक रैंकिंग में होगा और सुधार
आईआईटी के निदेशक प्रो। प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संगठनों के साथ कई नई शैक्षणिक, अनुसंधान सहयोगी गतिविधियां शुरू की हैं। भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक रैंकिंग में सुधार होगा। शैक्षिक सत्र 2017-2021 के दौरान इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक विज्ञान, जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य, कला और मानविकी के क्षेत्र में 9240 स्कोपस-इंडेक्स्ड पेपर प्रकाशित किए गए हैं।

