प्रदेश के कृषि मंत्री से सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि किसान बिना किसी आर्थिक परेशानी के कृषि उपकरणों को खरीदकर उनको प्रयोग कर अपनी खेती-बाड़ी के कार्य को सुगमता से पूरा करें
लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री से सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि किसान बिना किसी आर्थिक परेशानी के कृषि उपकरणों को खरीदकर उनको प्रयोग कर अपनी खेती-बाड़ी के कार्य को सुगमता से पूरा करें इस हेतु सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजनान्तर्गत कृषि यंत्रों के अनुदान के लिए कुल 18.36 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

इसके साथ ही वर्षा आधारित क्षेत्र में किसान भाई फसल उत्पादन के साथ-साथ ऐसी फसल पद्धति अपनायें जिससे फसलोत्पादन के साथ ही उन्हें एकीकृत फसल पद्धति प्रणाली से अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके इस हेतु नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना के रेनफेड एरिया डेवलेपमेन्ट कार्यक्रम हेतु 01.05 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
बाक्स

प्रदेश के कृषकों को मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी
लखनऊ। क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की वर्ष 2023-24 की बारहवीं बैठक डा. संजीव कुमार, उप महानिदेशक उ.प्र. कृषि अनुसंधान परिषद की अध्यक्षता में दिनांक 14 सितम्बर, 2023 को उ.प्र. कृषि अनुसंधान परिषद में सम्पन्न हुई।
प्रदेश में मौसम के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किसानों को अगले सप्ताह कृषि प्रबन्धन के लिए निम्नलिखित सुझाव दिये गये। तेज हवा एवं वर्षा से गिरे गन्ने को उठाकर सीधा करें तथा उसकी यथाशीघ्र बंधाई कर दें जिससे कम से कम नुकसान हो। कृषकों/पशुपालकों के द्वारा पर पशु चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु विभाग के द्वारा मोबाइल वेटनरी यूनिट योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेने हेतु पशुपालक टोल फ्री हैल्पलाइन नं-1962 पर सम्पर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
धान में जीवाणु झुलसा एवं जीवाणुधारी झुलसा के लक्षण दिखने पर 15 ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट 90 प्रतिशत टेट्रसाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10 प्रतिशत को 500 ग्राम कॉपर आकसीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लू.पी. के साथ मिलाकर प्रति हेक्टेयर 500 से 750 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। सभी कृषकपशु पालक अपने निकटतम पशु चिकित्सालय से सम्पर्क कर इसकी रोकथाम संबंधी उपाय एवं टीकाकरण की जानकारी ले सकते हैं।

जहां खुरपका एवं मुंहपका बीमारी (एफ.एम.डी.) का प्रकोप है वहां टीकाकरण सभी पशुचिकित्सालयों में कराया जा रहा है। यह सुविधा सभी पशुचिकित्सालयों पर नि:शुल्क उपलब्ध है। बड़े पशुओं में गलाघोटू बीमारी की रोकथाम हेतु एच.एस. वैक्सीन से तथा लंगड़िया बुखार की रोकथाम हेतु बीक्यू वैक्सीन से टीकाकरण करायें।
lucknow: भाषा हमेशा अपनी भावनाओं व संवेदनाओं को प्रकट करती है: डॉ0 रीता चौधरी