गड़ौली धाम को लेकर चर्चा में बने रहने वाले और पीएम मोदी के करीबी सुनील भाई ओझा {Sunil Bhai Ojha} का निधन हो गया। कछवां क्षेत्र के गड़ौली धाम के संस्थापक और बिहार प्रांत के सह प्रभारी आज गड़ौली धाम के गंगा घाट के किनारे पंचतत्व में विलीन हो गए। सुनील भाई ओझा {Sunil Bhai Ojha} के चिता को उनके बड़े बेटे विरल और छोटे बेटे रूत्वीज ने मुखाग्नि दी। सुनील ओझा को अंतिम विदाई देते समय उनकी पत्नी, बहुएं, गोद ली हुई बेटी सहित भाजपा के कई मंत्री, नेता, पदाधिकारी व विधायक मौजूद रहें। वहीं सभी लोगों ने हर-हर महादेव के जयकारे के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
कई मंत्री-विधायक भी रहें मौजूद
आपको बता दें कि गुरूवार को करीब 11:30 बजे सुनील ओझा {Sunil Bhai Ojha} का पार्थिव शरीर बीजेपी के तिरंगे में लिपटा हुआ वाराणसी से गड़ौली धाम पहुंचा। जहाँ लगभग एक घंटे तक अंतिम दर्शन के लिए उन्हें पार्थिव शरीर को रखा गया और इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, बिहार प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल सहित विधायक सांसदों ने उन्हें पुष्प गुच्छ अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बेटी गंगा ने चरण छूकर अपने बाबा को दी विदाई
वहीं परिजनों ने भी सुनील ओझा {Sunil Bhai Ojha} को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सुनील ओझा की बेटी ने भी उन्हें चरण छूकर उन्हें नम आखों से विदाई दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पास ही गंगा घाट पर सजाई गई चिता तक ले जाया गया। हर हर महादेव सहित तमाम जयकारों के बीच उनके बेटों विरल और रूत्वीज ने चिता में आग लगाई।
Sunil Bhai Ojha : हार्ट अटैक के कारण हुआ निधन
बता दें कि बुधवार अलसुबह 4.30 बजे सुनील ओझा {Sunil Bhai Ojha} का निधन गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में हार्ट अटैक के कारण हुआ था। कुछ महीने पहले ही उनका यूपी से बिहार ट्रांसफर हुआ था। पहले वो यूपी के सह प्रभारी के रूप में कार्यरत थे और फिर बिहार जाने बिहार ट्रांसफर के बाद वह वहां के सह प्रभारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थें।