Drone Sakhiyan : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानि NRLM की स्वरोजगारी महिलाओं ने अब एक और कदम आगे बढाया है। महिला स्वरोजगार समूहों की महिलाएं अब फसलों में ड्रोन के जरिये दवाओं का छिड़काव करेंगी। देश में प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी ऐसा पहला जनपद होगा, जहाँ स्वरोजगारी महिलाएं यह काम करेंगी।

Drone Sakhiyan : 16 महिलाओं को दी गयी ट्रेनिंग
इसके बारे में NRLM के जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप केशरवानी ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के प्रथम चरण में रविवार को सोलह महिलाओं को ड्रोन से दवा छिड़काव की ट्रेनिंग दी गयी। ये महिलाएं ड्रोन सखी {Drone Sakhiyan} के नाम से पहचानी जाएँगी।
आगे चलकर 10-10 ग्राम पंचायतों का एक-एक क्लस्टर बनाकर महिला स्वरोजगार समूह की सदस्यों को ड्रोन सखी के तौर पर ट्रेनिंग करेंगे। इस प्रकार वाराणसी में लगभग 100 ड्रोन सखियों की जरूरत पड़ेगी।


उम्मीद की जा रही है कि मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की ये अनूठी पहल आगे चलकर वाराणसी की ड्रोन सखियों के इस कार्य के माध्यम से वाराणसी को मॉडल जनपद {Drone Sakhiyan} का उदहारण प्रस्तुत करेगा। किसान की फसलों और उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ड्रोन के जरिये उर्वरक तथा अन्य कृषि कार्य करने के उद्देश्य से NRLM की स्वरोजगारी महिलाएं यह कार्य करेंगी। रविवार को सोलह महिलाओं को टिकरी गाँव स्थित कृषि उत्पादन संगठन यानि FPO में यह प्रशिक्षण दिया गया।

इस प्रशिक्षण {Drone Sakhiyan} के दौरान उन्हें ड्रोन, ड्रोन कैमरा, उसका उपयोग, उर्वरक छिड़काव, उपकरण नियंत्रण और संचालन आदि के बारे में ट्रेनिंग दी गयी। इस मौके पर उप निदेशक कृषि अखिलेश कुमार सिंह, FPO के निदेशक अमित सिंह, संयोजक अनिल कुमार सिंह, जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप केशरवानी, मंजू सिंह, प्रवीन, ममता, रीना, नीतू, भारती आदि रहीं।