Varanasi: एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश में 7वें चरण में वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन करने के लिए पीएम मोदी 13 मई को वाराणसी पहुंचेंगे। वहीं दूसरी तरफ इसी दिन वाराणसी के हजारों ई-रिक्शा (टोटो) चालकों ने आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है। शहर में ई-रिक्शा चालकों ने अपनी मांगों के चलते आमरण अनशन का एलान किया है। 13 मई को वाराणसी में ई-रिक्शा चालक आमरण अनशन करेंगे। करीब 25 हजार ई-रिक्शा चालक इस आमरण अनशन को तैयार है। यह एलान अखिल भारतीय ई-रिक्शा यूनियन ने किया है।
इस ऐलान से पहले यूनियन के पदाधिकारियों [Varanasi] ने जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को अपनी मांग से संबंधित मांगपत्र सौंपा और आमरण अनशन के बारे में भी जानकारी दी। अखिल भारतीय ई-रिक्शा यूनियन का यह दावा है कि शहर में 42 ई-रिक्शा स्टैंड कागजों में पास है, लेकिन बने केवल आधा दर्जन ही है।
Varanasi: अखिल भारतीय ई रिक्शा यूनियन ने बताई पूरी बात
वाराणसी [Varanasi] में अखिल भारतीय ई रिक्शा यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण काशी ने बताया कि स्मार्ट सिटी वाराणसी में वर्ष 2016 में पीएम नरेंद्र मोदी ने ई रिक्शा का शुभारंभ किया था और नगर निगम के द्वारा शहर में करीब 42 प्वाइंट पर ई रिक्शा स्टैंड बनवाया जाना था। 8 साल बीतने के बाद भी शहर में ई रिक्शा की संख्या में तो तेजी से इजाफा हुआ, लेकिन नगर निगम ने शहर में मात्र आधा दर्जन ही ई रिक्शा स्टैंड बनवाया। ऐसे में अब ई रिक्शा चालकों को अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा कर यात्रियों का इंतजार करना पड़ता है। जिससे शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।
प्रवीण काशी ने आगे बताया कि इस समस्या के चलते यातायात विभाग द्वारा ई रिक्शा चालकों को या तो डंडे मारकर खदेड़ा जाता है, या फिर उनका चालान कर उन्हे प्रताड़ित किया जाता है। जबकि स्टैंड बनवाने की जिम्मेदारी वाराणसी नगर निगम की है।

आपको बता दें कि जिन तीन मांगों [Varanasi] को लेकर ई-रिक्शा चालकों ने इस अनशन का एलान किया है। उनमें पहली मांग यातायात पुलिस और नगर निगम के उत्पीड़न और अवैध वसूली से मुक्ति जब तक पर्याप्त संख्या में पूरे शहर में स्टैंड नहीं बन जाए तब तक कोई चालान नहीं काटा जाए। दूसरी मांग नगर निगम द्वारा निर्धारित टोटो और आटो स्टैंड कागज की बजाय राज्य सरकार के मानक स्तर पर जमीन पर बने। नगर निगम की पर्ची काटने वाले कर्मचारी वर्दी मे हो और हाथ से दी गई पर्ची की जगह पर डिजिटल पर्ची काटी जाए।
वहीं तीसरी मांग यह है कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर ई-रिक्शा चार्जिंग की 1 युनिट बिजली की दर 7 रूपये 70 पैसे तय है पर नगर निगम [Varanasi] की ओर से इसकी व्यवस्था नहीं होने पर टोटो चालकों से प्राइवेट टोटो चार्जिंग स्टेशन वाले मनमाना पैसा वसूल कर रहे। सभी टोटो के लिए पब्लिक टोटो पार्किंग और चार्जिंग स्टेशन की तुरंत व्यवस्था हो।


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