Ganga Water Level in UP: उत्तर प्रदेश के हरदोई में गर्रा नदी में आए उफान ने तटवर्ती जिलों की चिंता बढ़ा दी है। गर्रा नदी के कारण कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं नरौरा और हरिद्वार से भी पानी छोड़े जाने के बाद कानपुर बैराज पर दबाव बढ़ने लगा है। इसका असर अब वाराणसी में भी दिखने लगा है। कई घाट डूबने की कगार पर आ चुके हैं।
कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी में तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। काली नदी से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण वाराणसी व उससे सटे जनपदों में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी लगातार जारी है।
यूपी के 20 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। वाराणसी में घाटों का संपर्क टूटने लगा है। यहां के दो घाट जानकी और भदैनी घाट डूब गये हैं। गंगा का जलस्तर हर घंटे 5-10 सेमी बढ़ रहा है। इससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अपना सामान समेटने लगे हैं।
वाराणसी में सोमवार को मात्र 4 मिमी बारिश हुई। वहीँ लोगों को उमस खूब सता रही है। सोमवार को वाराणसी समेत कई जिलों में वज्रपात का अलर्ट होने के बावजूद बारिश नहीं हुई। कुछ इलाकों में हुई भी तो केवल छिटपुट बारिश।
Ganga Water Level: यूपी के 37 जिलों में वज्रपात का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यूपी में इस समय मानसून कमजोर पड़ गया है। लेकिन जुलाई के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यूपी के 17 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 37 जिलों में बादल छाने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराईच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर। बरेली, पीलीभीत शाहजहाँपुर, संभल, बदायूं में बादल छाने और बिजली गिरने की आशंका है।

