वाराणसी: जिला जज संजीव कुमार पांडेय की अदालत में शनिवार को शृंगार गौरी और ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े कई अन्य मामलों की सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी। इस दौरान वादिनी महिलाओं की ओर से यह कहा गया कि ज्ञानवापी संबंधित मुकदमे को उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
ज्ञानवापी उर्स मामले में 8 जनवरी को सुनवाई
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अवधेश कुमार की कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में उर्स आयोजित करने और मजार पर चादर चढ़ाने के मामले में हिंदू पक्ष के कुछ पक्षकारों को जोड़ने के खिलाफ लंबित निगरानी अर्जी पर सुनवाई अब 8 जनवरी को होगी। इस मामले में लोअर कोर्ट से पत्रावली नहीं आने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई।
इससे पहले, फरवरी में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ज्ञानवापी में उर्स आयोजन और मजार पर चादर चढ़ाने की अनुमति देने के संबंध में मुख्तार अहमद के वाद में तृतीय पक्षकार हिंदुओं को जोड़ने का आवेदन स्वीकार किया था। इस आदेश के खिलाफ मुख्तार ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी।
निगरानी अर्जी पर बहस करते हुए नंद लाल पटेल ने कहा कि लोअर कोर्ट ने सरसरी तरीके से आदेश दिया और जिनको पक्षकार बनाया गया, उनके इस मामले में कोई कानूनी अधिकार नहीं बनते, न ही इन लोगों के संबंध में कोई कागजात प्रस्तुत किए गए। हालांकि, निगरानी कर्ता ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित तीन दृश्य मजार और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिमा पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन पहले से होता आ रहा है।