IIT BHU और एनआईटी जमशेदपुर ने मिलकर अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत आंत्रप्रेन्योर डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी, जो लैब में किए गए शोध, प्रोटोटाइप और नए विचारों को उद्योग में शामिल करने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।
समझौते के अनुसार, देसी और विदेशी फंडिंग एजेंसियों से प्रोजेक्ट लेकर काम किया जाएगा। दोनों संस्थानों के प्रोफेसर और छात्र संयुक्त रूप से काम करेंगे। एमटेक और पीएचडी स्तर के छात्रों की पढ़ाई के लिए कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा, दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में रिसर्च और प्रशिक्षण में योगदान देंगे।
IIT BHU: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त परियोजनाओं को लागू
IIT BHU के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने इस समझौते पर तीन वर्षों के लिए हस्ताक्षर किए। प्रो. पात्रा ने बताया कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त परियोजनाओं को लागू करना है। इसके तहत सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, सूचना प्रौद्योगिकी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे।
समझौते में दोनों संस्थानों के संसाधनों और विशेषज्ञता का उपयोग कर तकनीकी विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, संकाय सदस्यों, छात्रों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान की सुविधा दी जाएगी। छात्रों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनुभव साझा करने के लिए अनुसंधान यात्रा, और शैक्षिक सामग्री का आदान-प्रदान भी इस साझेदारी का हिस्सा होगा।
दोनों संस्थान संयुक्त पाठ्यक्रम विकसित करेंगे और नए कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे, जिससे कौशल-आधारित मानव संसाधन विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर के समय IIT BHU के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डीन प्रो. विकास कुमार दुबे, प्रो. रजनीश त्यागी, प्रो. एसबी द्विवेदी, रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव और ज्वाइंट रजिस्ट्रार स्वाति बिस्वास भी मौजूद रहे।


Comments 1