Happy New Year: नए साल की पहली सुबह यूपी के धार्मिक स्थलों पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने प्रमुख मंदिरों और तीर्थ स्थलों को भक्ति के रंग में रंग दिया। काशी, अयोध्या, और मथुरा सहित प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों ने भगवान के दर्शन कर नए साल की शुभकामनाएं मांगी।
Happy New Year: काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
वाराणसी में नए साल की सुबह बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु उमड़े। मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खोल दिए गए, जिसके बाद भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर के सभी प्रवेश द्वारों तक फैल गईं। बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और विशेष श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहे।

सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु गंगा स्नान कर दर्शन के लिए लाइन में लगने लगे। देखते ही देखते कतार डेढ़ किलोमीटर लंबी हो गई। बाबा का दर्शन करने आए मध्य प्रदेश के एक पर्यटक ने कहा, “यहां की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं। बाबा की आरती देखकर हमारा मन प्रसन्न हो गया।”
इसके अलावा कालभैरव मंदिर, बड़ा गणेश, महामृत्युंजय, मार्कंडेय महादेव, संकटमोचन, दुर्गाकुंड समेत सभी देवालयों में भारी भीड़ उमड़ी।

अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए लाखों की भीड़
नए साल के पहले दिन अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा। मंगला आरती के बाद रामलला के कपाट खोले गए। भोर में ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइन में लग गए थे। अनुमान है कि दिनभर में दो लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।

रामलला की मंगला आरती के साथ ही जयकारों से पूरा अयोध्या गूंज उठा। हनुमानगढ़ी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। वहां की आरती में शामिल होने के लिए भक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मथुरा और वृंदावन में आस्था का उत्सव
मथुरा के बांके बिहारी मंदिर और वृंदावन के राधा वल्लभ मंदिर में नए साल की सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बांके बिहारी मंदिर की गलियां भक्तों से खचाखच भरी थीं। मंदिर परिसर के बाहर एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही।

गोवर्धन में मंगला आरती के बाद भक्तों ने गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू की। वहीं, वृंदावन के प्रेम मंदिर में भक्तों ने विशेष श्रृंगार और भक्ति के वातावरण का आनंद लिया।
गंगा आरती ने किया भक्तों को मंत्रमुग्ध
वाराणसी के अस्सी घाट पर नए साल की पहली गंगा आरती ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सुबह की इस आरती में हजारों भक्त शामिल हुए। गंगा तट पर भक्ति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिला। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा से सुख, शांति, और समृद्धि की कामना की।

अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की स्थिति
- कालभैरव मंदिर, काशी: बाबा कालभैरव के मंदिर में भी भक्तों की लंबी कतारें लगीं।
- मां विंध्यवासिनी मंदिर: विन्ध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा।
- लखनऊ का मनकामेश्वर महादेव मंदिर: राजधानी में मनकामेश्वर मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ देखी गई।
श्रद्धालुओं का अनुभव
श्रद्धालुओं ने मंदिरों की व्यवस्था की सराहना की। मध्य प्रदेश से आए एक परिवार ने कहा, “हमने बाबा विश्वनाथ की आरती देखी। यह एक अद्भुत अनुभव था। मंदिर में साफ-सफाई और सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था है।”

भक्ति का नया अध्याय
नए साल के पहले दिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का जो माहौल देखने को मिला, उसने स्पष्ट किया कि देशभर के लोग अपनी आस्था को लेकर कितने भावुक हैं। हर मंदिर और तीर्थ स्थल पर भक्तों ने भगवान से सुख, शांति, और समृद्धि की कामना की।
अयोध्या, काशी और मथुरा: आस्था के केंद्र
उत्तर प्रदेश के ये तीन तीर्थ स्थल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में श्रद्धा के केंद्र हैं। अयोध्या में भगवान राम, काशी में बाबा विश्वनाथ, और मथुरा में भगवान कृष्ण के दर्शन करने की लालसा हर भक्त के मन में होती है। नए साल के इस शुभ अवसर पर इन तीनों स्थलों पर उमड़ी भीड़ ने यह दिखाया कि भारतीय समाज में धर्म और आस्था का कितना महत्व है।
भक्तों की उम्मीदों को पूरा करते हुए मंदिर प्रशासन ने भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा। चाहे वह गंगा तट की आरती हो, अयोध्या का राम मंदिर हो, या वृंदावन का प्रेम मंदिर, हर जगह श्रद्धालुओं ने भक्ति के अद्भुत माहौल का अनुभव किया।
Highlights
नए साल की इस पहली सुबह ने न केवल भक्तों को भक्ति में डुबो दिया, बल्कि समाज को एकजुटता और धार्मिक समरसता का संदेश भी दिया। अयोध्या, काशी, और मथुरा में भक्तों की यह श्रद्धा आने वाले दिनों में भी धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देने का संकेत देती है।