लखनऊ (Lucknow) के ठाकुरगंज इलाके में 30 दिसंबर की रात एक खस्ता कारोबारी शत्रुघ्न राठौर की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। हत्या की यह साजिश उनकी पत्नी राखी राठौर ने अपने प्रेमी धर्मेंद्र राठौर के साथ मिलकर रची थी। इस साजिश में धर्मेंद्र ने अपने भाई और एक दोस्त को भी शामिल किया। पुलिस ने इस मामले में तीनों को गिरफ्तार किया है।
Lucknow: अवैध संबंध का विरोध पड़ा भारी
न्यू हैदरगंज कॉलोनी में ब्राइट करियर स्कूल के पास रहने वाले शत्रुघ्न राठौर (55) अपनी पत्नी राखी और चार बेटियों के साथ रहते थे। शत्रुघ्न की राजाजीपुरम के डी-ब्लॉक में एक खस्ता की दुकान थी, जिसे लोग “परदेसिया खस्ते” के नाम से जानते थे।
धर्मेंद्र और राखी के बीच कई सालों से अवैध संबंध चल रहे थे। जब इस रिश्ते के बारे में शत्रुघ्न को पता चला, तो वह इसका विरोध करने लगे। इससे राखी और धर्मेंद्र दोनों परेशान थे। शत्रुघ्न के विरोध ने राखी और धर्मेंद्र के बीच की मुलाकातों को भी बाधित कर दिया था। आखिरकार दोनों ने शत्रुघ्न को अपने रास्ते से हटाने का फैसला किया।
धर्मेंद्र, राखी और उनके सहयोगियों ने योजना बनाई कि शत्रुघ्न की हत्या गला दबाकर कर दी जाएगी और इसे हार्ट अटैक दिखाया जाएगा। योजना के अनुसार, हत्या के बाद यह कहने की तैयारी थी कि शत्रुघ्न ने ब्लड प्रेशर की दवाएं ज्यादा खा लीं, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव का जल्द अंतिम संस्कार करने की योजना थी ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले।
क्या हुआ था उस रात?
इसी बीच 30 दिसंबर की रात जब सभी लोग सो रहे थे, राखी ने मुख्य दरवाजे का ताला खोल दिया। इसके बाद धर्मेंद्र अपने भाई अंकित और दोस्त रंजीत के साथ घर में दाखिल हुआ। बच्चों के साथ सो रही राखी ने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया।
धर्मेंद्र और उसके साथी शत्रुघ्न के कमरे में गए और गमछे से उनका गला कस दिया। इस दौरान शत्रुघ्न ने चीखने की कोशिश की, जिससे उनकी बड़ी बेटी की नींद खुल गई। बेटी ने तुरंत अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को फोन किया।
हत्या के बाद भागने की कोशिश
जब बेटी ने शोर मचाया, तो पड़ोसी और रिश्तेदार घर पर इकट्ठा हो गए। इससे पहले कि आरोपी भाग पाते, लोगों ने पुलिस को भी सूचित कर दिया। तीनों आरोपी छत से कूदकर फरार हो गए।
पुलिस ने खोला साजिश का राज
शत्रुघ्न की पत्नी ने शुरुआत में अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की। बातचीत में धर्मेंद्र और राखी के अवैध संबंधों का खुलासा हुआ।
पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस की मदद से धर्मेंद्र का लोकेशन जांचा। घटना वाली रात उसका मोबाइल राखी के घर के आसपास पाया गया। शक के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र, उसके भाई अंकित और दोस्त रंजीत को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में धर्मेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि राखी के साथ उसके कई सालों से संबंध थे और शत्रुघ्न उनके रास्ते की रुकावट बन गए थे।
हत्या के पीछे की वजह और गिरफ्तारी
धर्मेंद्र ने कबूल किया कि राखी ने ही मुख्य दरवाजा खोलकर उसे अंदर आने दिया। उसने बताया कि शत्रुघ्न की हत्या की योजना राखी ने ही बनाई थी। पुलिस ने राखी, धर्मेंद्र और अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, रंजीत अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
घटना के बाद पुलिस और रिश्तेदारों ने घर का जायजा लिया। जिस कमरे में शत्रुघ्न का शव मिला, वहां कोई सामान बिखरा हुआ नहीं था। शत्रुघ्न की जेब में 5,000 रुपये और गले की सोने की चेन सुरक्षित मिली।
संदेह ने खोला मामला
शत्रुघ्न की मौत को सामान्य हार्ट अटैक बताने की कोशिश राखी ने की थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि हत्या की साजिश को लेकर कई तकनीकी सबूत और बयान सामने आए हैं। राखी और धर्मेंद्र के बीच की बातचीत और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
Highlights
पुलिस अब फरार आरोपी रंजीत की तलाश कर रही है। डीसीपी ने बताया कि पुलिस टीम हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर रही है।

