Varanasi: शिव की नगरी काशी में गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शुक्रवार को सुबह से ही शहर के गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच भक्तों ने भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति का आशीर्वाद मांगा।
श्रद्धालुओं ने दिनभर व्रत रखा, जो चंद्रोदय रात 8:52 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद भक्त चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा संपन्न करेंगे। यह उपवास लगभग 17 घंटे का होगा। काशी (Varanasi) के प्रमुख मंदिरों, जैसे बड़ागणेश मंदिर लोहटिया, श्रीचिंतामणि गणेश सोनारपुरा, दुर्गविनायक गणेश दुर्गाकुंड, साक्षी विनायक गणेश, ढुढिराज गणेश विश्वनाथ गली और सिद्धिविनायक मंदिर मणिकर्णिका में भव्य सजावट और विशेष आरती का आयोजन किया गया।
Varanasi: भोर से ही भक्तों की लम्बी कतारें
लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी राजेश तिवारी ने बताया कि भोर से श्रद्धालुओं की बी हारी भीड़ मंदिर परिसर के बहार देखने को मिल रही है और जैसे कपाट (Varanasi) खोला गया, सभी भक्त एक-एक करके परिसर में प्रवेश किये और भगवान श्री गणेश का विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की है।

इस बार गणेश चतुर्थी का योग विशेष बन गया है, क्योंकि यह मघा नक्षत्र और सौभाग्य योग के संयोग में आ रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह शुभ तिथि (Varanasi) 17 जनवरी की सुबह 4:07 बजे शुरू हुई और 18 जनवरी की सुबह 5:31 बजे तक रहेगी।
काशी (Varanasi) के 56 विनायक सहित सभी गणेश मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विशेष अनुष्ठानों और आराधना के साथ मंदिरों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। गलियों में भक्ति गीत गूंज रहे हैं, और भक्त भगवान गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।
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