Lucknow: राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) थाना क्षेत्र के मवई खातरी गांव में शनिवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब ग्राम समाज की जमीन पर रखी गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रतिमा हटाने की कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की। विरोध कर रही भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें महिला इंस्पेक्टर मेनका सिंह समेत छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने पांच राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त फोर्स बुला ली गई।
Lucknow: बिना अनुमति लगी मूर्ति बनी विवाद की जड़
सूत्रों के अनुसार, तीन दिन पहले गांव के ही एक पक्ष द्वारा प्राथमिक विद्यालय के सामने स्थित ग्राम समाज की जमीन पर बाबा साहब की प्रतिमा रातों-रात स्थापित कर दी गई थी। गांव वालों का कहना है कि इस मामले में न तो प्रशासन से इजाजत ली गई और न ही ग्रामीणों से कोई राय-मशविरा किया गया।
ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि की अगुवाई में लगाई गई इस प्रतिमा को लेकर गांव के दूसरे पक्ष में नाराजगी थी। उनका कहना है कि जिस जमीन पर मूर्ति स्थापित की गई है, वहां पर पहले हाट-बाजार लगता था और वैवाहिक कार्यक्रम होते थे।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, सड़क पर बैठकर जताया गुस्सा
प्रतिमा के विरुद्ध विरोध जताते हुए शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे, खातरी गांव से चलकर पहाड़पुर चौराहे तक पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी की और प्रतिमा हटाने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि रात के अंधेरे में चुपचाप मूर्ति रखना एकतरफा और गलत कदम था। इससे गांव का आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है।
प्रशासनिक प्रयास विफल, गुस्साई भीड़ ने किया हमला
स्थिति बिगड़ने पर बीकेटी एसडीएम सतीश चंद्र त्रिपाठी के साथ कई थानों की पुलिस और पीएसी की टुकड़ियां मौके पर भेजी गईं। अधिकारियों ने लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
घायल पुलिसकर्मियों में महिला इंस्पेक्टर मेनका सिंह के अलावा महिगंवा थाने के दरोगा रामेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जय प्रकाश, सिपाही लाल मोहम्मद, नगुवामऊ चौकी प्रभारी शेष मणि और एलआईयू के क्षेत्रीय प्रभारी सिद्धेश वर्मा शामिल हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रधान प्रतिनिधि हिरासत में, और भड़की भीड़
Lucknow पुलिस ने तनाव को देखते हुए गांव के प्रधान प्रतिनिधि को हिरासत में ले लिया। लेकिन इस कार्रवाई से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई एकतरफा की जा रही है और उनकी बात नहीं सुनी जा रही।
HIghlights
इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने गांव और उसके आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है। फिलहाल गांव में पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।