Varanasi: वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता हरीश मिश्रा की कानूनी परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में दो युवकों से विवाद के बाद उनके खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके चलते उन्हें सोमवार शाम को जेल भेजा गया। अब करणी सेना ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया है।
यह पूरा विवाद 12 अप्रैल को उस वक्त शुरू हुआ जब हरीश मिश्रा का अविनाश मिश्रा और स्वस्तिक उपाध्याय नामक दो युवकों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया, जो बाद में हाथापाई में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
साथ ही, चक्का जाम की कोशिश करने पर पुलिस ने खुद की ओर से भी एक अलग एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर हरीश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।

करणी सेना से जुड़ा विवाद
मारपीट के बाद हरीश मिश्रा ने बयान दिया कि उनके ऊपर हमला करवाया गया क्योंकि उन्होंने करणी सेना को लेकर कुछ कहा था। उन्होंने इस हमले की साजिश का आरोप करणी सेना पर मढ़ा। हालांकि, जिन दो युवकों के साथ झगड़ा हुआ था, उन्होंने स्वयं को सिर्फ माँ करणी का भक्त बताया और किसी भी प्रकार से करणी सेना से संबंध होने से इनकार किया।
Varanasi: मानहानि का मुकदमा दर्ज
डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने जानकारी दी कि करणी सेना ने हरीश मिश्रा के खिलाफ सिगरा थाने में एक तहरीर दी है, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने जानबूझकर करणी सेना की छवि को नुकसान पहुंचाया। तहरीर में कहा गया है कि सपा नेता ने पहले माँ करणी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की और फिर युवकों को करणी सेना से जोड़कर संगठन को बदनाम करने की कोशिश की।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 196(1), 299 और 356(3) के तहत जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया को लेकर नई मांग
करणी सेना का आक्रोश यहीं नहीं रुका। मंगलवार को अजगरा विधानसभा के करणी सेना अध्यक्ष शशि प्रकाश सिंह ने चोलापुर थाने में एक और तहरीर दी, जिसमें उन्होंने हरीश मिश्रा के सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि हरीश मिश्रा उर्फ ‘बनारस वाले मिश्रा जी’ ने मां करणी के लिए “कुकर्मी” जैसे अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया, जिससे क्षत्रिय समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

संगठन और नेताओं पर लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि हरीश मिश्रा ने खुद पर हमला करवाकर इस पूरे विवाद का दोष करणी सेना संगठन और वाराणसी के जिला अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह पर डालने की कोशिश की है। इससे संगठन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और समाज में जातिगत तनाव फैल रहा है।
करणी सेना का आरोप है कि एक सपा समर्थक ने करणी सैनिकों को “हर चौराहे पर जला कर मारने” की धमकी तक दे डाली है, जो बेहद गंभीर और भड़काऊ है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
करणी सेना की ओर से मांग की गई है कि हरीश मिश्रा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि समाज में एक सशक्त संदेश जाए कि किसी धार्मिक भावना या संगठन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।