बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. सीएस रामाचंद्र मूर्ति पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी गणेश पासी को पुलिस ने मंगलवार रात एक नाटकीय मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। लंका थाना क्षेत्र के नुआव में हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके से एक हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। यह कार्रवाई वाराणसी में बढ़ते अपराध और विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
BHU: 28 जुलाई को हुई थी सनसनीखेज वारदात
घटना की शुरुआत 28 जुलाई की शाम को हुई, जब प्रो. रामाचंद्र मूर्ति बिड़ला-रुइया चौराहे मार्ग (BHU) पर अपने घर लौट रहे थे। तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में प्रोफेसर के दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं और मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए। हमलावरों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने प्रोफेसर को लहूलुहान हालत में छोड़ दिया। आसपास मौजूद छात्रों ने शोर मचाया तो बदमाश बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। प्रोफेसर को तुरंत बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई गई।
छात्र-प्रोफेसरों में उबाल, सिंह द्वार पर प्रदर्शन
इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर (BHU) में आक्रोश की लहर दौड़ा दी। 29 जुलाई को सैकड़ों छात्रों और प्रोफेसरों ने बीएचयू (BHU) के सिंह द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सिंह द्वार से आने-जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंका थाने की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
घटना (BHU) की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की थीं, जो सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सुरागों के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी थीं। कई दिनों की छानबीन के बाद पुलिस को गणेश पासी (निवासी मेजा, प्रयागराज) के बारे में पुख्ता जानकारी मिली, जिसे इस हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा था।
नुआव में मुठभेड़, आरोपी घायल
मंगलवार की रात को पुलिस को सूचना मिली कि गणेश पासी नुआव क्षेत्र में छिपा हुआ है। लंका थाना पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और बदमाश को सरेंडर करने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, गणेश ने भागने की कोशिश की और उसने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गणेश के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे काबू कर लिया गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गणेश पासी से पूछताछ शुरू कर दी गई है, लेकिन हमले का सटीक मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है।
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बीएचयू (BHU) परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। एक छात्र ने कहा, “प्रोफेसर जैसे सम्मानित व्यक्ति पर इस तरह का हमला निंदनीय है। अगर हम सुरक्षित नहीं हैं, तो पढ़ाई का माहौल कैसे बनेगा?”
लंका थाना प्रभारी ने बताया, “मुख्य आरोपी गणेश पासी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। हम प्रोफेसर और छात्रों को भरोसा दिलाते हैं कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी।”
BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, प्रो. रामाचंद्र मूर्ति का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है। हालांकि, दोनों हाथों में फ्रैक्चर के कारण उनकी रिकवरी में समय लग सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी प्रोफेसर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।