Varanasi: अमेरिका द्वारा भारत से होने वाले निर्यात पर अनुचित और मनमाने टैरिफ लगाए जाने के विरोध में गुरूवार को वाराणसी के मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के नेतृत्व में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें ईस्टर्न यूपी एक्सपोर्ट एसोसिएशन और महानगर उद्योग व्यापार समिति के प्रतिनिधि शामिल हुए और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए वोकल फॉर लोकल की निति को अपनाने पर जोर दिया।
प्रतिनिधियों ने अमेरिका के इस कदम को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के विपरीत बताया और इससे भारत के निर्यातकों, विशेषकर पूर्वांचल के टेक्सटाइल, कालीन और हस्तशिल्प उद्योग को गंभीर नुकसान होने की बात कही। उनका कहना है कि वाराणसी (Varanasi) और आसपास के क्षेत्रों में हजारों कारीगरों और उद्यमियों की रोज़ी-रोटी निर्यात पर निर्भर है। इसके चलते उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल राहत पैकेज, पूर्व में दी जाने वाली रियायतों की बहाली और नए निर्यात अवसर खोजने की मांग की।
वोकल फॉर लोकल अपनाने पर जोर
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को समर्थन देते हुए स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाया जाए और उनके विज्ञापन व प्रचार-प्रसार के बजट में कमी की जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सके।
कालीन और वस्त्र उद्योग को इससे सबसे बड़ी चोट
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. चौधरी ने कहा कि 50% टैरिफ का सीधा असर लाखों कारीगरों और छोटे उद्योगों पर पड़ेगा। कालीन और वस्त्र उद्योग को इस निर्णय से सबसे बड़ी चोट लगी है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर ठोस कदम उठाकर कारीगरों की रक्षा करेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत बनाएगी।
आईआईए (Varanasi) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजेश भाटिया ने कहा कि संकट के इस समय में निर्यातकों का विश्वास प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कायम है। हमें भरोसा है कि सरकार उद्योग जगत के हित में ठोस नीति बनाएगी और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
Varanasi: सिर्फ झुकना नहीं बल्कि देना है करारा जवाब
इस दौरान महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने सभी उद्यमियों, निर्यातकों और व्यापारियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया। इसके आलावा प्रतिनिधियों (Varanasi) का यह भी कहना रहा कि भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से अमेरिका में ईर्ष्या की भावना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के “हम झुकेंगे नहीं” बयान का स्वागत करते हुए कहा कि भारत को सिर्फ झुकना नहीं, बल्कि करारा जवाब देने की भी बात कही।

