Varanasi: शहर के कंदवा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष जितेंद्र केशरी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता और धमकी देने के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि पुलिस ने न केवल उनके पद और पहचान की अनदेखी की, बल्कि बदसलूकी भी की। संगठन स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्थानीय कार्यकर्ता भड़क उठे।

Varanasi: पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
शनिवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पार्षद चितईपुर थाने पर एकजुट होकर पहुंचे। उन्होंने थाने (Varanasi) का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हाल के दिनों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस का रवैया लगातार सख्त और अपमानजनक होता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। मौके पर पहुंचे थानेदार ने कार्यकर्ताओं (Varanasi) को शांत कराने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी रहा। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक चितईपुर प्रवीण कुमार धरना देने वालों को समझने का प्रयास किया लेकिन धरना देने वाली उनकी एक नहीं सुने हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार धरने पर बैठे बीजेपी पार्षद व कार्यकर्ताओं से बातचीत किया। धरने पर बैठे बीजेपी कार्यकर्ता पदाधिकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और एसीपी के बहुत समझाने और आश्वासन के बाद उनका धरना समत हुआ।
स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी भी थाने पर पहुंचने लगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

