Varanasi: जुम्मे की नमाज़ को लेकर शुक्रवार को वाराणसी पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। शहर के संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस ने पैदल मार्च, सघन चेकिंग और ड्रोन कैमरों से निगरानी कर हालात पर पैनी नजर बनाए रखी।

ज्ञानवापी परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा विशेष रूप से बढ़ाई गई। इसके साथ ही बजरडीहा, खोजवां, कैंट और अन्य मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती रही। जगह-जगह पैदल गश्त के जरिए अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर शांति-सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

डीसीपी काशी और वरुणा जोन की अगुवाई
डीसीपी काशी गौरव बसंवाल की अध्यक्षता में बजरडीहा और खोजवां क्षेत्र में पांच किलोमीटर लंबी गश्त निकाली गई। इसे लेकर डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि नवरात्रि और जुमे की नमाज को लेकर शुक्रवार को शहर में अलर्ट जारी किया गया है। इसमें एरिया डामिनेशन की एक्सरसाइज़ की शामिल है। शहर के सभी क्षेत्रों में रूट मार्च किया जा रहा है। पोस्टरवार को लेकर उन्होंने कहा, “किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति (Varanasi) अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है।”


वहीं डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने कैंट क्षेत्र में विशेष अभियान का नेतृत्व किया। उनके साथ एसीपी कैंट नितिन तनेजा और कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। यह टीम नदेसर, अर्दली बाजार और कचहरी चौराहा (Varanasi) जैसे संवेदनशील इलाकों में गश्त करती दिखाई दी।

Varanasi: सघन चेकिंग और संदिग्ध वाहन जब्त
गश्त के दौरान वाहनों की गहन जांच की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को पकड़ा गया, जिसमें काली फिल्म लगी थी। शीशा उतरवाकर वाहन को सीज कर दिया गया और चालक से पूछताछ की जा रही है। वाहन के कागजात भी खंगाले जा रहे हैं।

ड्रोन और सीसीटीवी से चौकसी
पूरे शहर (Varanasi) की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए की गई। पुलिस कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। खासकर ज्ञानवापी मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों को अतिरिक्त सुरक्षा घेरे में रखा गया।

डीसीपी प्रमोद कुमार ने साफ चेतावनी दी कि “गंगा-जमुनी तहज़ीब को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बिना अनुमति कोई जुलूस या रैली नहीं निकाल सकेगा।”


