Kanya Pujan: शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर वाराणसी के लक्सा रामकृष्ण अद्वैत आश्रम में श्री श्री दुर्गा पूजा का आयोजन श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बंगाली पद्धति से विधि-विधानपूर्वक कुमारी पूजन और आरती की गई, जिसे देखने और उसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
Kanya Pujan में स्वयं मां दुर्गा का होता है आह्वान
आश्रम के अध्यक्ष स्वामी विश्ववास्तमानंद जी ने बताया कि कन्या पूजन का विशेष महत्व हिंदू शास्त्रों में वर्णित है। मान्यता है कि अविवाहित कन्याओं के पूजन में स्वयं मां दुर्गा का आह्वान होता है। यही कारण है कि उन्हें केवल साधारण कन्या नहीं, बल्कि देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा जाता है।
उन्होंने कहा कि कन्याओं के पूजन (Kanya Pujan) से जगत जननी मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। पूजन के दौरान कन्याओं को विशेष ढंग से श्रृंगार और पूजन किया गया, उन्हें प्रसाद अर्पित किया गया और भक्तजनों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि कुमारी पूजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में नारी के प्रति सम्मान और श्रद्धा का संदेश भी देता है। पूजा स्थल पर वातावरण पूरी तरह भक्ति और आस्था से ओतप्रोत रहा।

