Bharat Milap: झमाझम बारिश भी आस्था के उस सैलाब को रोक नहीं पाई जो भगवान श्री राम और भारत के मिलाप को देखने के लिए पहुंचे रहे। काशी के लक्खा मेले में शुमार विश्वप्रसिद्ध नाटी इमली का भरत मिलाप देखने के लिए शुक्रवार को लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हाथों में छाते और होंठों पर जय श्रीराम के उद्घोष ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

Bharat Milap: भावनाओं का उमड़ पड़ा ज्वार
दरअसल, सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद श्रद्धालु नाटी इमली के मैदान में जुटते रहे। जैसे ही लीला शुरू हुई, भरत और शत्रुघ्न अपने भाइयों राम-लक्ष्मण का स्वागत करने के लिए भूमि पर दंडवत लेट गए। यह दृश्य देखते ही मैदान (Bharat Milap) में भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। राम और लक्ष्मण रथ से उतरकर दौड़े और दोनों भाइयों को उठाकर गले लगा लिया। चारों भाइयों का यह मिलन जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच संपन्न हुआ।


यदुकुल के कंधों पर रघुकुल का पुष्पक विमान
यदुकुल के कंधों पर सवार रघुकुल का पुष्पक विमान, 5 टन वजनी रथ, सुरमा लगाए, धोती-बनियान और पगड़ी धारण किए यादव बंधुओं का उत्साह इस आयोजन को और भव्य दिया। सिर्फ पांच मिनट की इस अद्भुत लीला (Bharat Milap) ने लाखों-लाख भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। लीला के उपरांत महाराजा आनंत विभूति नारायण ने भगवान श्रीराम को चांदी की गिन्नी भेंटकर आशीर्वाद लिया।


इस बार सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए। लीला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा और तीन ड्रोन से हर गतिविधि पर नज़र रखी गई। बारिश की फुहारों के बीच जब चारों भाइयों का मिलन हुआ तो हर भक्त की आंखें नम हो गईं और काशी की धरती “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।

