Asian Games: बनारस के युवा ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। बहरीन में आयोजित तृतीय यूथ एशियन गेम्स 2025 में वाराणसी के प्रतिभाशाली खिलाड़ी शिवांशु पटेल और यश्वनी सिंह ने ताइक्वांडो की मिश्रित युगल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
वाराणसी जिला ताइक्वांडो संघ के प्रशिक्षु इन दोनों खिलाड़ियों ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दमदार खेल दिखाते हुए वियतनाम के खिलाड़ियों को पराजित किया और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में उनका सामना थाईलैंड की मजबूत जोड़ी से हुआ, जहां बेहद करीबी मुकाबले में थाईलैंड ने 8.52 अंक हासिल किए जबकि भारतीय जोड़ी ने 8.20 अंक प्राप्त किए। इस प्रदर्शन से भारत को प्रतिष्ठित कांस्य पदक मिला।
Asian Games: भारतीय ताइक्वांडो के इतिहास में पहला अवसर
जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव चंद्रभान पटेल ने गुरुवार शाम इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय ताइक्वांडो (Asian Games) इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने यूथ एशियन गेम्स में पदक जीता है। यह सफलता देश के ताइक्वांडो इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने बताया कि यूथ एशियन गेम्स 2025 में कुल 45 देशों के 8,000 से अधिक खिलाड़ियों ने 26 खेल विधाओं में प्रतिभाग किया। ताइक्वांडो प्रतियोगिता में कोरिया, चीन, चाइनीज ताइपे, थाईलैंड, वियतनाम, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत 32 देशों के खिलाड़ी शामिल हुए। भारत की ओर से कुल 17 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें तीन पूमसे (पुरुष, महिला, मिश्रित युगल) और 14 क्योरगी स्पर्धाएं शामिल थीं।
उत्तर प्रदेश के दोनों प्रतिनिधि—शिवांशु और यश्वनी—ने मिश्रित युगल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने प्रशिक्षक चंद्रभान पटेल और अपने माता-पिता को समर्पित किया।
संघ के अध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों को वर्ष 2020 में मिशन एशियन गेम्स एंड इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन (MAGIC) परियोजना के अंतर्गत चयनित किया गया था। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष सिंह ने स्मरण दिलाया कि कोविड महामारी (Asian Games) के दौरान 13 अप्रैल 2020 को संघ ने देश की पहली ऑनलाइन पूमसे चैंपियनशिप का आयोजन किया था, जिससे खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास और प्रतियोगी माहौल मिलता रहा।

