Russia: दुनिया का सबसे खतरनाक वेदरप्रूफ लड़ाकू विमान वाला राज्य रूस बन चुका है। यूक्रेन और मॉस्को के बीच चल रहे युद्ध के दौरान रूस ने अपने तीसरे घातक हथियार व परमाणु मिसाइल और पोसाइडॉन परमाणु ड्रोन के सफल परीक्षण करके वेदरप्रूफ जेट बनाकर पुरे देश भर को चौका दिया है। यह जेट बारिशा, आग और तूफानों जैसे बड़े आपदा में भी सीना चीर कर दुश्मन के घर तबाही मचाने में बखूबी काम करेगा। ऐसे में इसको बनाने में रूसी इंजीनियर अलेक्सी का बड़ा योगदान रहा है।
जेट में क्या है खास ?
इस खतरनाक जेट को ‘सुपरजेट न्यू’ पीडी-8 का नाम दिया गया है। इसमें 8 इंजनों को लगया गया है, जो इसकी ताकत का प्रतीक है और पूरी तरह से स्वदेशी इंजन हैं। यह इंजन बारिश और तूफानों को चुनौती देने में सक्षम हैं। परीक्षण के दौरान इसने पानी ग्रहण जैसे कई चुनौतियों को पास कर लिया और तूफानों के सीने को चीर दिया है।
इंजीनियर अलेक्सी ने 2010 के दशक को याद करते हुए बताया पुराने सुपरजेट को विदेशी इंजनों की बेड़ी में जकड़ा गया था लेकिन अब अमेरिकी प्रतिबंधों ने रूस (Russia) को ओना रास्ता बनाने में मजबूर किया।
Russia पीडी-8 जेट का परीक्षण
आपको बता दें कि यह जेट इतना हल्का और शकिशाली है कि इसने 2025 की सर्दियों के परीक्षण के दिन को पास कर लिया। रूस (Russia) का सुपर न्यू जेट पीडी-8 पूरी तरह स्वदेशी है इस जेट ने उस वक्त अपनी परीक्षण उड़ान भरी, जब आकाश में काले बादल घुमड़ रहे थे।
वही जब टेस्ट पायलट नाद्या कॉकपिट में बैठीं, तो उनके हेलमेट पर पसीने की बूंदें थीं। विमान भरने से पहले वॉकी-टॉकी के माध्यम से अलेक्सी ने कहा कि यह सिर्फ मशीन नहीं, हमारी आशा है और तभी विमान रनवे पर दहाड़ा। रूसी जेट पीडी-8 के इंजन साइबेरिया की हवाओं की तरह गरज उठे और परीक्षण उड़ान शुरू हो गया।
जेट पर कराई गई कृत्रिम बारिश की बौछार
विमान के परीक्षण के लिए कृत्रिम वर्षा सिस्टम से पानी की बौछारें इंजनों पर कराई गईं। क्युकि सामान्य जेट्स में पानी घुसते ही इंजन रुक जाते हैं, लेकिन पीडी-8 ने बिना रुके, बिना हिले पानी को निगल लिया। नाद्या ने गति बढ़ाई, त हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा थीऔर साथ में बारिश की तेज चाबुक-सी मार हुई। इसके बावजूद विमान देखते ही देखते ऊंचाइयों पर पहुंचकर बादलों को चीरता हुआ दिखा। ऐसे में नीचे नियंत्रण कक्ष में ऐसा नजारा देख रूसी इंजीनियरों (Russia) की भी सांसें थम सी गईं।
20 मिनट तक चलती रही परीक्षण
बादलों के बीच में घुसने पर विमान की इंजनो में पानी की बाढ़ घुसी लेकिन जेट ने पूरी तत्परता से पानी को भर फेंक निकला। तक़रीबन 20 मिनट तक जेट ने यह साबित कर दिया कि वह मौसम प्रतिरोधी है। ऐसे में जब प्रसिक्षण पूरी हुए और नाद्या जब लैंडिंग के लिए उतरीं तो हर तरफ गूंज उठीं। नाद्या जब लैंडिंग के लिए उतरीं तो तालियां गूंज उठीं। वही अलेक्सी ने नाद्या को गले लगाते हुए कहा कि यह रूस (Russia) की जीत है।
अब, सुपरजेट आकाश का राजा बन चुका है। दूरदराज के गांवों तक माल ढोने से लेकर, आर्कटिक मिशनों तक, यह तूफानों से डरने वाला नहीं। रूस ने दुनिया को दिखा दिया: स्वदेशी तकनीक से कोई सपना असंभव नहीं। और फिर यही से पीडी-8 की गर्जना में, एक नया युग शुरू हो गया-जहां विमान न केवल उड़ते हैं, बल्कि तूफानों को चीरते हैं।

