हाल ही में हुए दिल्ली धमाका को लेकर शहरभर में लोग काफी सदमे में हैं। इस हादसे में जान गवाने वालें मासूमो का परिवार पूरी तरह से टुटा-बिखरा हुआ हैं। ऐसे में अब इसको लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM YOGI) ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर लखनऊ समेत यूपी के सभी शहरों से अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उनको बाहर खदेड़ने के आदेश दिए हैं। साथ ही उनके लिए हर शहर में डिटेंशन सेण्टर बनवाने का आदेश दिया है, जहां पकड़े गए घुसपैठियों को रखा जायेगा। साथ ही घुसपैठियों को वहां से उनके मूल देशों को सौंप दिया जायेगा। यह फैसला SIR प्रक्रिया के बीच लिया गया हैं।
CM YOGI ने क्या कहा
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI) ने कहा कि शहर के किसी भी तरह की कोई भी कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने साफ़ कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था से समझौता नही किया जाएगा। हर जिले के डीएम को अपने-अपने क्षेत्र में रह रहे अवैध घुसपैठियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी होगी।
ख़ुफ़िया एजेंसी करेंगी जांच
दरअसल, यह फैसला हाल के हुए सुरक्षा आकलनों और खुफियां एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आया हैं। इनकी रिपोर्ट्स के मुताबिक ही सरकार ने यह फैसला लिया हैं। रिपोर्ट् के मुताबिक, यूपी के कई जिलों में घुसपैठियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों के संकेत मिले थे। सीएम योगी (CM YOGI) ने इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सख्त कदम बताया था। वहीं योगी ने यह भी कहा कि अवैध घुसपैठ न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आर्थिक संरचना और कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित करती है। सरकार ने इसे टॉप प्रायोरिटी पर रखा है। प्रशासन को बिना किसी देरी के कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

शहर के सभी जिलों के DM को दिए आदेश
शहर के सभी डीएम को यह भी आगाह किया कि घुसपैठियों पहचान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक टीमें घर-घर सत्यापन, रिकॉर्ड की जांच और स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर सत्यापित सूची तैयार करेंगी। घुसपैठियों को अस्थायी डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा मुख्यमंत्री योगी (CM YOGI) ने डीएम से अपने यहां अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के लिए भी कहा है।
आपको बतादें कि यूपी के लगभग 20 जिलों में पहले ही सर्वे किए जा चुके हैं। जहां पर संख्याअधिक हैं वहा पर यह कार्यवाही को तेज कर दिया गया हैं। साथ ही डिटेंशन सेंटरों में रखे गए घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उनके मूल देश को वापस भेजा जाएगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और संबंधित दूतावासों से समन्वय बनाया जाएगा।

