Varanasi: चौबेपुर स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां में मंगलवार से विहंगम योग का 102वां वर्षिकोत्सव उत्सवमय वातावरण के साथ मंगलवार को आरंभ होने जा रहा है। पूरे परिसर में आध्यात्मिक उमंग, सांस्कृतिक उल्लास और राष्ट्रीय एकता की भावना छाई हुई है। देशभर से हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे ध्वजारोहण के साथ होगा, जिसके उपरांत संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज (Varanasi) श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे। उनके संबोधन के बाद आश्रम के प्रशिक्षित योग-गुरुओं द्वारा निःशुल्क योग-आसन, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य साधकों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है। दोपहर 2 बजे नए जिज्ञासुओं के लिए विहंगम योग की क्रियात्मक ज्ञान-दीक्षा का आयोजन होगा।

Varanasi 4 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
इसमें साधना के सूक्ष्म रहस्यों को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा। सायं 4बजे से सांस्कृतिक एवं भक्तिमय सत्र शुरू होगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के लोक-नृत्य, भक्ति-संगीत, प्रसिद्ध भजन-गायकों की प्रस्तुतियाँ तथा साहब कबीर और सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज द्वारा रचित भजनों का गायन शामिल रहेगा।

सद्गुरु सदाफल देव आप्त वैदिक गुरुकुलम के छात्र मल्लखंभ सहित कई विशेष प्रस्तुतियाँ भी देंगे। इसके पश्चात संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज की “जय स्वर्वेद कथा” (Varanasi) का शुभारंभ होगा, जो लगभग ढाई घंटे तक चलेगी।

“एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की भावना को करेगा जीवं
इस दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति-रस से सराबोर रहेगा।आगंतुकों के लिए ‘सांस्कृतिक व्यंजन-शाला’ में देश के चारों दिशाओं उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध रहेगा, जो “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की भावना को जीवंत रूप में प्रदर्शित करेगा। महामंदिर (Varanasi) परिसर में सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई और सेवकों की तैनाती की विशेष व्यवस्था की गई है। हजारों सेवक कई दिनों से तैयारियों में
जुटे हैं ताकि प्रत्येक आगंतुक को सुगम और सुखद अनुभव मिल सके।स्वर्वेद महामंदिर धाम (Varanasi) में आरंभ हो रहा यह अध्यात्म-महोत्सव योग, संस्कृति, सेवा और राष्ट्रीय एकता का अनोखा संगम बनने जा रहा है। श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

