UP: सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना तब हुई। जब एक परिवार रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के लिए जा रहा था लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि यहाँ उनकी खुद की जिन्दगी खत्म हो जाएगी। दरअसल, तेज रफ्तार में जा रही एक डम्पर जो बजरी से लदी रही, वह कार पर पलट गई। यह हादसा इना भयावह रहा कि कार में फसें लोग बाहर निकल ही नही पाए।

लोग मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। चींख-पुकार सुन राहगीर वहां पहुंचे उन्होंने कार के ऊपर से बजरी हटा कार में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश करने लगे। हालंकि बजरी को हटाते वक़्त अन्दर से कुछ आवाजे तो आ रही थी लेकिन जब तक बजरी हटी, कार में मौजूदा सभी सात लोगों की मौत हो गई।
UP: जाम में घंटो फसे रहे लोग
घटना के बाद हालत इतनी बुरी थी कि किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हादसे में मां-बेटे और बेटी-दमाद समेत सात लोगों की मौत हो गई। इतने भयानक हादसे को देख लोग देहशत में आ गये। हर तरफ अफरा-तफरी मच जाने से वहां भीड़ लग गई। जिसकी वजह से आम जनता के अलावा नेता और अफसर के भी वाहन फसे रहे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इस भीड़ को हटाया।

मामा के अंतिम संस्कार में जा रहे थे
मृतिकों की पहचान सोना सैयद माजरा गांव (UP) निवासी संचालक संदीप सैनी (25) मां रानी (55), बहन जूली (27), जीजा शेखर (28), भांजे अनिरुद्ध (2), मौसेरे भाई विपिन (22) व भाई प्रदीप के ससुर उमेश सिंह (55) के रूप में हुई है। संदीप के मृत मामा ऋषिपाल के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
ट्रक चालाक को पुलिस ने पकड़ा
सुबह नौ बजे कार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सोना सैयद माजरा गांव के अंडरपास से सहारनपुर (UP) की तरफ सर्विस रोड पर पहुंची थी। इसी दौरान देहरादून की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहा बजरी से लदा डंपर अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया। हादसा होते ही ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और बजरी को हटाने का प्रयास किया। लेकिन बजरी को हटाना इतना मुश्किल था कि जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। करीब एक घंटे कड़ी मशक्कत के बाद के बाद शवों को बाहर निकाला गया। लोगों ने डंपर के चालक और खलासी को पुलिस को सौंप दिया।

लोगों ने जिला प्रशासन पर लगाया आरोप
इस घटना को देख के लोगों में आक्रोश में आ गये। भड़के लोग घटनास्थल से थोड़ी दूर चमारीखेड़ा टोल (UP) पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप है कि यह घटना सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन और एनएचआई की लापवाही की ही देन है।एक्सप्रेसवे का पूर्ण निर्माण होने के बाद भी ओवरब्रिज को शुरू नही किए जा रहे।
सिसकियाँ भरते रहें पिता
पिता महेंद्र सैनी, परिवार के सात सदस्यों को खोने के बाद गुमसुम पड़े हैं। हांलाकि ग्रामीणों (UP) ने ढांढस बंधा रहे। उनकी सिसकियाँ रुक ही नहीं रही। उन्होंने रोते उए कहा मेरी तो दुनिया ही उजाड़ गई, कभी सोचा नही था कि घर से निकलते वक्त अपने पत्नी, बेटा, बेटी और मासूम नाती को आखरी बार देख रहा हूं। हमउम्र साले के मौत से दुखी था। अब एसा दुःख मिला जो आखरी साँस तक नही ख़त्म हो पायेगा। बेटी दामाद दोनों ही चले गए अब नाती अभिनन्दन का क्या होगा? वह तो अभी 5 साल का ही है।

अंडरपास में हो बिजली की व्यवस्था
मंडलायुक्त डॉ। रुपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने घटनास्थल (UP) पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। इस दौरान डीएम मनीष बंसल ने एनएचएआई के कर्मचारी को बुलाकर सख्ती से निर्देश दिए कि अंडरपास में बिजली की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा दोनों सर्विस रोड पर ब्रेकर लगाए जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके।

