Varanasi: वाराणसी में अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह की रहस्यमयी मौत अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। परिजनों ने दावा किया है कि उनकी हत्या अवैध नशीले कफ सिरप कारोबार से जुड़े नेटवर्क ने की है। मृतक के परिवार ने नामजद आरोपियों शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा पर सीधे-सीधे हत्या करवाने और नशीला पदार्थ देकर मारने का गंभीर आरोप लगाया है।
बड़ी संख्या में परिजन सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. इस दौरान उन्होंने न्याय की गुहार लगाई. वहीं इसी को लेकर परिजनों ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाकात भी की और निष्पक्ष न्याय की मांग की है। शिकायत पर कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि मामले की बारीकी से जांच कर किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
Varanasi: सीपी ने कहा किसी को बक्शा नहीं जायेगा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी (Varanasi) पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि जो भी इस अपराध में शामिल होगा, उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। SIT तेज रफ्तार में जांच कर रही है, स्थानीय पुलिस भी कार्रवाई में सख्त मुद्रा में है और जिन फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया जायेगा और उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की पूछताछ में संतोषजनक जवाब न देने वालों पर तुरंत विधिक कार्रवाई होगी, दंड की अवधि भी बढ़ाई जा रही है।”
पत्नी भारती ने बताया कि अधिवक्ता कफ सिरप के खेल को जानते थे। वह सोशल मीडिया के जरिये अवैध कारोबार का खुलासा करने वाले थे, इसी वजह से पार्टी के बहाने बुलाया गया और सुनियोजित तरीके (Varanasi) से जहर देकर मार दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई थी इसलिए तत्कालीन चौबेपुर इंस्पेक्टर ने टाटा और शुभम को क्लीन चिट दे दी थी।
वहीं परिजनों ने कहा कि राजा आनंद ज्योति सिंह ईमानदार व बेबाक अधिवक्ता थे, शायद इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को नशीला पदार्थ देकर योजनाबद्ध तरीके से मारा गया।

