Anupam Kher: कभी-कभी ज़िंदगी अपने तय शेड्यूल से हटकर ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां झुंझलाहट की जगह मुस्कान चुननी पड़ती है। कुछ ऐसा ही हुआ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर के साथ, जब मंगलवार को उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट अचानक कैंसिल हो गई। मगर नाराज़गी के बजाय उन्होंने हालात को अपनाया और काशी की गलियों में स्वाद, भक्ति और ऊर्जा का संगम तलाश लिया।
हैदराबाद से इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से वाराणसी पहुंचे अनुपम खेर को यहां से खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए आगे रवाना होना था। उनकी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ की स्क्रीनिंग वहां प्रस्तावित थी। लेकिन वाराणसी से खजुराहो जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट के अचानक रद्द हो जाने से उनकी पूरी यात्रा योजना धराशायी हो गई। मजबूरन उन्हें अपनी आगे की यात्रा रद्द करनी पड़ी।
Anupam Kher ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
अनुपम खेर ने अपने इस अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया। अपने खास अंदाज़ में उन्होंने (Anupam Kher) लिखा कि “फ्लाइट कैंसिल! मेरे दादाजी कहते थे, एक ही समस्या से दो बार मत गुजरो, एक बार सोचकर और दूसरी बार झेलकर। बहुत निराशा हुई, लेकिन मैंने इसका फायदा उठाने का फैसला किया। अब वाराणसी में कचौड़ी, चाट और गुलाब जामुन खाऊंगा और विश्वनाथ जी के दर्शन करूंगा। हर हर महादेव।”
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। लोगों ने उनके धैर्य, सकारात्मक सोच और हालात को हल्के-फुल्के अंदाज़ में लेने की तारीफ की।
वीडियो में छलका दर्शन का सुकून
अनुपम खेर (Anupam Kher) ने 2 मिनट 46 सेकेंड का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे साफ शब्दों में कहते नजर आए कि “मैं अक्सर किसी की शिकायत नहीं करता, लेकिन इस बार कुछ कहना ज़रूरी लगा। मैं इंडिगो से वाराणसी आया और यहां से खजुराहो जाना था, जहां मेरी फिल्म की स्क्रीनिंग है। लेकिन मेरी फ्लाइट कैंसिल हो गई। मैं भड़ास निकालना चाहता हूं, बहुत कुछ कहना चाहता हूं, मगर अब मेरी प्लानिंग बदल गई है।”
वीडियो में वे यह भी कहते हैं कि ऐसी परिस्थितियां किसी के हाथ में नहीं होतीं। “जब आप ऐसे हालात में फंस जाएं, तो परेशान होने के बजाय उनका आनंद लेना सीखें”—यह संदेश उन्होंने मुस्कान के साथ दिया।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी
फ्लाइट कैंसिल होने के बाद अनुपम खेर ने शाम को काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय उन्होंने (Anupam Kher) कहा कि “शायद बाबा की यही मर्जी थी, इसलिए मेरी फ्लाइट कैंसिल हुई। इस नगरी की ऊर्जा ही अलग है। यहां आकर लगता है जैसे जोश भर गया हो। काशी अद्भुत है—स्वाद भी, संस्कार भी और सुकून भी।”

