Cough Syrup: सोनभद्र पुलिस ने ड्रग माफियाओं और कफ सीरप तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर गठित एसआईटी और एसओजी टीम ने 10 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त सत्यम कुमार को राबर्ट्सगंज के चंडी तिराहा पास से बुधवार को गिरफ्तार किया है।
सत्यम की गिरफ्तारी
चौक स्थित पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी ने बताया कि यह गिरफ्तारी कफ सीरप (cough Syrup) तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल से पूछताछ के बाद हुई है। भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से चार दिवसीय पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर रांची ले जाया गया था, जहां एसआईटी टीम ने अवैध कफ सीरप के वितरण स्थलों की जांच की थी। जांच के क्रम में वाराणसी के कबीरचौरा निवासी सत्यम कुमार (उम्र करीब 28 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
cough Syrup: फर्जीवाडा का खुलासा
अभियुक्त सत्यम कुमार ने रॉबर्ट्सगंज में किराए का मकान लेकर ‘मां कृपा मेडिकल’ के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के आधार पर औषधि विभाग (cough Syrup) से ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया था। मौके पर ‘मां कृपा मेडिकल’ नामक यह फर्म स्थापित नहीं थी। सत्यम कुमार ने इसी फर्जी पते पर रांची की शैली ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर भोला प्रसाद एवं शुभम जायसवाल) से लगभग 6 करोड़ रुपये का फेन्साडिल कफ सीरप खरीदने का दिखावा किया। इसके बाद, उसने भदोही की नई बाजार स्थित फर्जी फर्मों, जैसे आयुष एंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल (जो मौके पर मौजूद नहीं थीं) के नाम पर सीरप बेचने का दिखावा किया।
कागजी लेनदेन पर आधारित घोटाला
इन फर्जी फर्मों के खातों से पैसे घुमाकर लगभग 6 करोड़ रुपये शैली ट्रेडर्स के खाते में स्थानांतरित किए गए। जांच में मौके पर सीरप (cough Syrup) की शीशियों का वास्तविक परिवहन नहीं पाया गया है। सत्यम कुमार ने पूछताछ में बताया है कि उसके नाम और उसके भाई के नाम पर स्थापित दो फर्मों के माध्यम से लगभग 12 करोड़ रुपये के न्यू फेन्साडिल सीरप का कागजों में क्रय-विक्रय किया गया। यह पूरा घोटाला केवल कागजी लेनदेन पर आधारित था।
विस्तार से मामले की जानकारी
पुलिस के अनुसार सत्यम अपने बुआ के लड़के रवि गुप्ता ने उसके नाम पर ‘माँ कृपा मेडिकल’ (cough Syrup) और उसके भाई विजय गुप्ता के नाम पर ‘शिविक्षा फार्मा’ नामक दो फर्में स्थापित कराई थी। इन फर्मों के लिए रॉबर्ट्सगंज स्थित बरकरा गांव में किराए पर दो दुकानें ली गई और जनवरी 2024 में औषधि निरीक्षक सोनभद्र के कार्यालय से ड्रग लाइसेंस प्राप्त किए गए।अभियुक्त ने बताया कि ‘माँ कृपा मेडिकल’ के नाम पर रांची (झारखंड) की शैली ट्रेडर्स से वर्ष 2024-2025 के दौरान लगभग 6 करोड़ रुपये का न्यू फेन्साडिल सीरप कागजों में खरीदा गया।
शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पहले भोला जायसवाल थे, बाद में उनके पुत्र शुभम जायसवाल बने। इसी तरह विजय गुप्ता की फर्म ‘शिविक्षा फार्मा’ के नाम से भी लगभग 6 करोड़ रुपये का सीरप (cough Syrup) कागजों में क्रय दर्शाया गया। सत्यम के मुताबिक, खरीदे गए इस सीरप को भदोही जनपद स्थित फर्जी फर्मों जैसे आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल (नई बाजार) को कागजों में ही सप्लाई दिखाया गया। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि उसे न्यू फेन्साडिल की प्रति शीशी के क्रय-विक्रय पर लाभ मिलता था।
सत्यम ने बताया कि उसकी फर्म (cough Syrup) ‘माँ कृपा मेडिकल’ के नाम से दर्शाई गई लगभग 6 करोड़ रुपये की क्रय राशि उसके बैंक खाते से इंडियन बैंक स्थित शैली ट्रेडर्स के खाते में भेजी गई थी। रवि गुप्ता, शुभम जायसवाल के साथ मिलकर स्वयं और अन्य व्यक्तियों के नाम पर फर्जी फर्में खुलवाकर नगद धनराशि जमा कराता था, जिसे विभिन्न फर्मों के खातों के माध्यम से शैली ट्रेडर्स के खाते में भेजा जाता था।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में एसआईटी निरीक्षक सदानंद राय, निरीक्षक प्रणय प्रषुन, प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह, प्रभारी एसओजी राजेश जी चौबे, कास्टेबल रमेश कुमार व शिवम सिंह मौजूद रहे।

