Varanasi: वाराणसी और चंदौली को जोड़ने वाला मुख्य पुल राजघाट पर वाहन के परिचालन पर पुर्णतः रोक लगा दिया गया है। इस पुल पर ड्रेनेज स्पाउट एक्सपेंशन के मरम्मत कार्य चलने की वजह से मंगलवार देर रात से ही वाहनों ही आवाजाही थम गयी है। वहीं पैदल लोगों को ही पुल इस्तमाल करने की अनुमति है। साथ ही छोटे वाहन रामनगर-सामनेघाट पुल और बड़े वाहन विश्व सुंदरी पुल से गुजरेंगे।
137 साल पुराना राजघाट पुल
आपको बता दें कि राजघाट पुल का निर्माण अंग्रेजों द्वारा किया गया था, जो 137 साल पुराना है। हांलाकि 2007 में इसका मरम्मत किया गया था। वहीं इसकी जर्जर होने के कारण अब दुबारा इसका मरम्मत किया जा रहा है, जो 13 जनवरी तक चलेगा। वहीं रात में पुल के दोनों छोर पर समेंटेड बैरेकेडिंग कर दी गयी है। इस पुल की लम्बाई 1048.5 मीटर है।
राजघाट पुल (Varanasi) पर दोपहिया समेत अन्य वाहनों की आवाजाही पड़ाव चौराहे से रामनगर मार्ग और रामनगर-सामनेघाट पुल और टेंगरा मोड़ बाईपास से होगी। ट्रैवेलर बस, स्कूली बस, मालवाहकों की आवाजाही हाईवे से डाफी टोल प्लाजा, अखरी बाईपास और मोहनसराय के रास्ते से होगी। हांलाकि रामनगर-सामनेघाट पुल से सिर्फ छोटी कार, ऑटो, ई-रिक्शा और दो पहिया वाहनों की आवाजाही होगी।
Varanasi:मालवाहक वाहनों की आवाजाही विश्व सुंदरी पुल हाईवे से
एडीसीपी (Varanasi) यातायात अंशुमान मिश्रा ने बताया कि रामनगर-सामनेघाट पुल से हल्के वाहनों के रूप में दोपहिया, तीन पहिया, छोटी कार, एंबुलेंस और शव वाहनों की आवाजाही होगी। बड़े वाहनों में टेंपो ट्रैवेलर, बड़े चार पहिया वाहन, स्कूल बसें, ई-बस और मालवाहक वाहनों की आवाजाही विश्व सुंदरी पुल हाईवे से होगी। बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर और लंका बीएचयू गेट चौराहे के पास अत्यधिक दबाव होने के कारण विश्वसुंदरी पुल और डाफी के बीच लौटूवीर पुलिया अंडरपास पर जर्सी बैरियर लगाकर छोटे वाहनों, एंबुलेंस को बीएचयू के लिए भेजा जाएगा।
रामनगर, लंका और कोतवाली सर्किल की ओर से राजघाट पुल (Varanasi) समेत अन्य रूटों का मंगलवार को निरीक्षण किया गया। रूट पर पड़ने वाले अतिक्रमण, बाधा और अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त कराया। ताकि सुगम यातायात में कोई बाधा न हो। राजघाट पुल, पड़ाव चौराहा, रामनगर समेत अन्य रूटों पर साइनेज भी लगवाए गए।

