Christmas 2025: वाराणसीशहर में क्रिसमस सेलिब्रेशन की जमकर धूम देखने को मिली। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चर्चों और ईसाई समुदाय के घरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरे दिन चलती रहीं और सभी को आधी रात का बेसब्री से इंतजार रहा। जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, चर्चों में घंटियां गूंज उठीं और जन्मोत्सव का उल्लास फैल गया।
बाइबिल के सुनाये गए उपदेश
छावनी स्थित सेंट मेरीज़ कैथड्रल (महागिरजा) में काशी धर्मप्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ (Christmas 2025) की अगुवाई में रात 10:30 बजे से मीसा पूजा शुरू हुई। ठीक आधी रात को बिशप ने बालक यीशु को गोद में उठाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए। बालरूप की झांकी के साथ मोमबत्तियां जलाई गईं, प्रार्थना सभा हुई और बाइबिल के उपदेश सुनाए गए। इस दौरान मानवता की खुशहाली, शांति, प्रेम और भाईचारे की कामना की गई।
Christmas 2025: बिशप ने प्रभु यीशु की ओर से केक काटा
सेंट मेरी कैथेड्रल के साथ-साथ शहर के अन्य सभी गिरजाघरों में भी क्रिसमस (Christmas 2025) हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धर्मबहनें, ईसाई समुदाय के लोग और बाहर से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद बिशप ने बालक यीशु की ओर से केक काटा और सभी ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं।
पिछले कई दिनों से चर्चों और घरों में चल रही तैयारियों का रंग इस खास रात को दिखाई दिया। शहर के घरों और दुकानों की सजावट ने उत्सव का माहौल और खुशनुमा बना दिया। सिर्फ ईसाई (Christmas 2025) ही नहीं, अन्य धर्मों के लोग भी चर्च पहुंचे और त्योहार की खुशियां साझा कर “मेरी क्रिसमस” कहकर एक-दूसरे को बधाई दी।

