Varanasi: कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए वरुणा जोन की पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई फर्जी ड्रग फर्म के माध्यम से हो रहे इस अवैध कारोबार की जांच के दौरान की गई। रविवार को पुलिस लाइन में एडीसीपी वरुणा जोन नीतू कात्यान ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करते हुए इसका खुलासा किया।
Varanasi: जानिए मामले से संबंधित पूरी जानकारी
एडीसीपी जोन नीतू कात्यान ने बताया कि रोहनिया थाने (Varanasi) की एफआईआर में स्वप्नील केशरी, दिनेश यादव और अश्विनी यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि सारनाथ थाने में दर्ज प्रकरण में विष्णु पांडेय और लोकेश अग्रवाल को पकड़ा गया। रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह और उनकी टीम ने तीन लोगों को, जबकि सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी और उनकी टीम ने दो लोगों को पकड़ा।
उन्होंने बताया कि शैली ट्रेडर्स (Varanasi) के नाम से फर्जी ड्रग फर्म बनाकर कफ सिरप की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। झूठे बिल और दस्तावेज तैयार कर लेन-देन केवल कागजों पर दिखाया जाता था और अंततः रकम शुभम जायसवाल व दिनेश जायसवाल के खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
जांच में रोहनिया क्षेत्र की तीन फर्जी कंपनियों और सारनाथ की मेसर्स पीडी फार्मा (तीसरियां, परशुरामपुर) की भूमिका संदिग्ध मिली है। ये सभी शेल कंपनियाँ बताई जा रही हैं, जिनके पास वास्तविक खरीद-फरोख्त का कोई रिकार्ड नहीं है। पुलिस का कहना है कि अवैध कफ सिरप को दस गुने दाम पर बिहार में बेचा जाता था और उससे प्राप्त नकदी को सोने या हवाला के जरिए वाराणसी में मंगाया जाता था।
एडीसीपी के अनुसार रोहनिया क्षेत्र (Varanasi) में करीब 35 शेल कंपनियाँ और लगभग इतनी ही कंपनियाँ सारनाथ क्षेत्र में पाई गईं, जो इस नेटवर्क से जुड़ी होने के संदेह में हैं और रुपये को सप्तसागर के शुभम जायसवाल तक पहुँचाने का काम करती थीं।
आपको बताते चले कि पूरा मामला उस समय खुला जब रोहनिया के भदवर इलाके में एक जिम के नीचे बने गोदाम से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशियाँ बरामद की गईं। जांच में पता चला कि यह खेप चंदौली स्थित सिंह मोडिकोज फर्म को भेजी जानी थी।

