Varanasi: नववर्ष के साथ ही सेन्ट जॉन्स स्कूल, बरेका का प्रांगण एक बार फिर उत्साह, सहयोग और संवेदना से भर उठा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2 जनवरी को क्रिस जयंती के रूप में “विशिष्ट प्रतिभावान प्रदर्शन 2026” का आयोजन किया गया। जिसमें में दिव्यांग और विशेष बच्चों के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बिशप यूजीन जोसेफ ने ध्वजारोहण करके किया। उसके बाद उन्होंने मसाल जलाई और उसे एक बच्ची को दिया।


Varanasi: नेत्रहीन बच्चों ने की बैंड कीअगुवाई
उत्साह के उस मसाल को बच्ची ने अपने सहपाठी को पास किया और ऐसे ही क्रम में पुरे ग्राउंड में वह मसाल घुमाई गई और पुनः उसके स्थान पर लाकर उसे रख गया। कार्यक्रम (Varanasi) की अगली कड़ी में मार्च-पास्ट में नेत्रहीन बच्चों के बैंड की अगुवाई ने सबका दिल जीत लिया। उनके बैंड के घुन पर सभी संस्थाओं के दिव्यांग बच्चों व बड़ों ने सीधी पंक्तियों, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ यह संदेश दिया कि हमें कम मत आंकिए, हम अपने-आप में सक्षम हैं।

वहीं मैदान में उपस्थित बिशप लगातार सलामी स्वीकार करते रहे और बच्चों का उत्साह बढ़ाते रहे। परिवारजन, मुखबधिर और नेत्रहीन बच्चे सभी ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का अद्भुत उदाहरण पेश किया। कोई व्हीलचेयर पर, तो कोई सहारे से आगे बढ़ता गया लेकिन सबका लक्ष्य एक कि हमें हारना नहीं सिर्फ आगे बढ़ना है।

बिशप ने किया खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज
इसके बाद बिशप यूजीन जोसेफ (Varanasi) ने पूरे उत्साह के साथ इस खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज किया। इसी बीच एक बाल प्रतिभागी ने सभी को निष्पक्ष खेल और पूर्ण उत्साह के साथ भाग लेने की शपथ दिलाई और यहीं से शुरू हुआ जज़्बे का वो सफ़र, जिसने साबित किया कि जब सपना और साहस साथ हों, तो हर मंच “सबके लिए” बन जाता है।

मार्च पास्ट के बाद इस स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में 100 और 500 मीटर दौड़, शॉट पुट, चम्मच दौड़, गुब्बारा फोड़ और कई रोचक खेल शामिल रहे। सभी प्रतिभागियों (Varanasi) ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया और अपना पूरा दमखम दिखाया। सभी के चेहरे पर उत्साह और जीत का जज्बा साफ़ नजर आ रहा था।

वहीं प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मैडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जीत का जश्न सभ ने मिलकर मनाया।

बिशप यूजीन जोसेफ ने कही ये बात
इस मौके पर बिशप यूजीन जोसेफ ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम हर साल क्रिसमस के पर्व के बाद आयोजित किया जाता है। यह कार्यक्रम उन लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया जाता है, जिनमें शारीरिक तौर पर कुछ कमियां है। लेकिन वह अपने आप में सक्षम है, बस इसी उद्देश्य से हम उन्हें यहाँ अपने प्रांगण में आमंत्रित करते हैं। इन दिव्यांग बच्चों के बीच प्रतियोगिताएं होती है, रंगारंग कार्यक्रम होते हैं, जो एक अलग ही माहौल बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं जनता से यही अपील करूंगा कि वह इन दिव्यंगों को सामान्य नज़रों से देखें, उनके साथ आम व्यक्ति जैसा व्यवहार करें।


बताते चलें कि इस प्रतियोगिता से पहले रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसका आगाज विशप यूजीन जोसेफ ने दीपप्रज्वलन करके किया गया। जिसमें भजन, नृत्य, नाटक और कला की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसका आगाज इसके बाद प्रतिभागियों को चाय-नाश्ता और बाद में स्वादिष्ट भोजन परोसा गया।


इस स्पोर्ट्स प्रतियोगिय में करीब 4,000 प्रतिभागियों और विशिष्ट जनों ने मऊ, चंदौली, गाजीपुर और वाराणसी (Varanasi) सहित कई जिलों से भाग लिया।

