Varanasi: पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर जूना अखाड़े के आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज काशी पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के आचार्यपीठ “श्रीमृत्युंजय मठ” में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। हनुमान घाट स्थित मठ में साधकों द्वारा उनका विधिवत स्वागत किया गया।
Varanasi: विश्वनाथ धाम में किया दर्शन-पूजन
पूर्णिमा से एक दिन पहले मठ परिसर में भगवान मृत्युञ्जय की विशेष पूजा-अर्चना आयोजित हुई। बड़ी संख्या में नागा संन्यासियों और संत-मंडलियों की उपस्थिति से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ (Varanasi) के दर्शन-पूजन किए और फिर संकटमोचन मंदिर में भी प्रार्थना कर लोकहित और राष्ट्र कल्याण की कामना की।

इसके बाद बड़ा हनुमान घाट स्थित जूना अखाड़े के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें अखाड़े के वरिष्ठ संतों और पदाधिकारियों ने धार्मिक परंपराओं, साधना पद्धतियों और आने वाले कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक (Varanasi) में सभापति महंत प्रेम गिरि महाराज सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।
5 से8 जनवरी तक प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित
बैठक में यह भी तय किया गया कि 5 से 8 जनवरी तक प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागा साधु शामिल होंगे। हरिगिरि महाराज के नेतृत्व में निकलने वाली परिक्रमा को सफल बनाने की तैयारी की जा रही है। बताया गया कि यह परिक्रमा करीब 500 वर्ष पहले अकबर के समय बंद हो गई थी, जिसे जूना अखाड़ा पुनः प्रारंभ कर रहा है।
अखाड़ा परिषद के महामंत्री और संरक्षक स्वामी हरिगिरि महाराज के मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल से आए संतों के साथ भी शिष्टाचार भेंट हुई। इस दौरान सनातन परंपराओं, समाज में संतों की भूमिका और लोककल्याण संबंधी मुद्दों पर संवाद हुआ।
स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी (Varanasi) में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्था बेहतर होने से देश-विदेश से आने वाले भक्त बिना किसी परेशानी के दर्शन कर पा रहे हैं।

